राम मंदिर दान चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और डॉ अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाने के बाद उन आरोपों की चर्चा तेज हो गई है जिनमें कहा गया कि करोड़ों के गबन में ट्रस्ट छोटे कर्मचारियों को फंसा देगा और बड़ों को छोड़ देगा, लोग सवाल कर रहे हैं कि बिना किसी संरक्षण के कोई कैसे मंदिर से करोड़ों की चोरी कर सकता है इस सबके बावजूद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविन्द देव गिरि का कहना है कि मंदिर में चोरी करने जैसे पाप में चंपत राय शामिल हो सकते हैं ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता।
श्री राम मंदिर आंदोलन से लेकर स्थापना तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय भले ही विपक्ष के निशाने पर हैं लेकिन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरि को वे निर्दोष दिखाई देते हैं, उनका दावा है कि राम मंदिर दान चढ़ावा चोरी घटना में चंपत राय का हाथ होगा ऐसा मैं सोच भी नहीं सकता।
ANI से बात करते हुए गोविन्द देव गिरि ने कहा कि जब मैं ये कहता हूँ कि चंपत राय निर्दोष हैं तो इसका अर्थ ये है कि उनका जो चरित्र है उसके हिसाब से उनका इस घटनाक्रम में कोई लिप्तता नहीं हो सकती ये मेरा मानना है , मैं उनको 32 वर्षों से जानता हूँ इसलिए कहता हूँ कि इसमें उनकी कोई भूमिका होगी ऐसा मैं सोच भी नहीं सकता, उनकी सज्जनता पर हमें आज भी कोई आशंका नहीं है।
चंपत राय चोरी में शामिल नहीं हो सकते, उन्होंने लापरवाही की ये उनका दोष
गोविन्द देव ने आगे कहा कि सज्जनता पर किसी को कोई शक नहीं है लेकिन उन्होंने लापरवाही की, वे असावधान रहे ये बात माननी पड़ेगी क्योंकि उन्होंने एक अपराधी को अपने ड्राइवर के रूप में रखा, उसके पास चाबियाँ रहीं वो सबको नियंत्रित करता रहा, इन सब बातों की अनदेखी करना ये उनका दोष है।
टिन्नू यादव पर आरोप, बाहरी लोगों के कहने पर ये साजिश रची
स्वामी गोविन्द देव गिरि ने चंपत राय के ड्राइवर रहे टिन्नू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने ये सब किया मुझे आशंका है कि टिन्नू यादव बाहर के लोगों के साथ कनेक्टेड था उसे वहीं से बूस्ट किया गया कि मंदिर में ऐसा कुछ करो और हमें उसकी सूचना दो, ये सब प्लानिंग से करवाया गया ऐसा मुझे कई बार लगता है।
CEO के कारण अनुशासन रहता हैं, जल्दी होगी उसकी नियुक्ति
गोविन्द देव गिरि ने कहा कि अब मंदिर में जल्दी CEO की नियुक्ति होगी हमें लगता है सीईओ के अभाव में ही ये सब हुआ है क्योंकि निगरानी रखने का काम एक प्रोफेशनल व्यक्ति ही कर सकता है, उनके कारण ही अनुशासन रहता है जो हम यहाँ नहीं ला पाए और ये घटनाक्रम हो गया, इसके लिए हमने एक समिति बनाई है जो तीन नाम को चुनेगी उसमें से एक का चयन ट्रस्ट कर उसे CEO बनाएगा।
इतना सब होता रहा और किसी के ध्यान में नहीं गया, इसके लिए हम शर्मिंदा
स्वामी गोविन्द देव गिरि ने कहा कि राम मंदिर में दान चोरी की बात सुनना ही बहुत बुरा लगता है, ऐसा लगता है जैसे हमारे कान में किसी ने गर्म सीसा पिघलाकर डाल दिया हो, इतना सब होता रहा और किसी के ध्यान में नहीं गया ये हमारे लिए दुःख, वेदना और शर्मिंदगी की बात है , हम इसके कारण लज्जित हैं। मैं यहाँ महीने में एक बार आता हूँ अब ज्यादा बार आने का प्रयास करूँगा।






