लखनऊ: समाजवादी पार्टी का मुखरता से पक्ष रखने वाले राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को बाराबंकी पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई धमकी देने और जातिगत टिप्पणी करने के एक पुराने मामले में की गई है। उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने से कुछ घंटे पहले ही समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक X हैंडल से उनके लापता होने की जानकारी देते हुए चिंता जाहिर की थी।
मनोज यादव की पत्नी ने लखनऊ के गोमतीनगर थाने में उनकी गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई थी। हालांकि, बाराबंकी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उन्हें एक दर्ज मुकदमे के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, न कि वह लापता थे।
समाजवादी पार्टी के टीवी पैनलिस्ट श्री मनोज यादव कल रात से लापता हैं। यह अत्यंत चिंताजनक और गंभीर विषय है।
पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खोजबीन तेज करे। उनके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो।@dgpup @Uppolice pic.twitter.com/B1y38xm4d5
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) February 13, 2026
किस मामले में हुई गिरफ्तारी?
बाराबंकी पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मनोज यादव के खिलाफ 11 फरवरी, 2026 को सफदरगंज थाने में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज है, जिसमें धमकी देने और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इसी मुकदमे (मु0अ0सं0 50/26) के आधार पर अभियुक्त मनोज उर्फ बब्लू पुत्र रामकुंवर, निवासी ग्राम भगोलापुरवा, थाना सफदरगंज, को गिरफ्तार किया गया है।
पार्टी ने सोशल मीडिया पर उठाया था मामला
मनोज यादव की गिरफ्तारी से पहले समाजवादी पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से उठाया था। पार्टी के आधिकारिक X हैंडल पर शुक्रवार सुबह एक पोस्ट में कहा गया, “समाजवादी पार्टी के टीवी पैनलिस्ट मनोज यादव कल रात से लापता हैं। यह अत्यंत चिंताजनक और गंभीर विषय है। पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खोजबीन तेज करे। उनके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो।” इस पोस्ट के साथ उनकी पत्नी द्वारा दी गई गुमशुदगी की तहरीर की कॉपी भी साझा की गई थी।
कौन हैं मनोज यादव?
मनोज यादव समाजवादी पार्टी के तेज-तर्रार प्रवक्ताओं में गिने जाते हैं। वह अक्सर टीवी बहसों में पार्टी का मजबूती से बचाव करते हुए और विरोधियों पर आक्रामक तरीके से हमला करते हुए देखे जाते हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर अब सियासत भी गरमा सकती है, क्योंकि पार्टी ने पहले ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।





