उत्तर प्रदेश एक नई राह पर चलने जा रहा है। दरअसल, अब वैश्विक बाजार में प्रदेश में बनने वाली शराब आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके लिए नहीं आबकारी निर्यात नीति में ब्रांडिंग और लेबलिंग सहित विभिन्न प्रकार के शुल्कों में सरकार द्वारा कटौती की गई है।
इतना ही नहीं प्रदेश सरकार ने फ्रेंचाइजी शुल्क माफ कर दिया है। ऐसे में अब शराब की बिक्री पहले से थोड़ी आसान होगी। नई नीति में शराब दुकान हो के लाइसेंस शुल्क में वृद्धि हुई है वही तो लाइसेंस शुल्क घटाया गया है। राजस्व बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से इस नीति को लाया गया है।
शराब दुकान के लाइसेंस शुल्क में वृद्धि
शराब दुकान के लाइसेंस फीस में 7.5% और भांग की दुकान की लाइसेंस फीस में 10% की वृद्धि हुई है। शराब से कमाई बढ़ाने के लिए आबकारी विभाग में 3 वर्षों के लिए आबकारी निर्यात नीति लागू की है, ये तीन वर्षों में पहली बार है। साल 2026 27 के लिए राज्य की नहीं आबकारी नीति भी लागू कर दी गई है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में दोनों नीतियों की स्वीकृति प्रदान की गई।
प्रशासन ने जारी की अधिसूचना
आबकारी नीति 2026 से 2029 को लेकर शासन द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। उत्तर प्रदेश शराब निर्यात के मामले में मध्य प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र से पीछे है इसलिए पहली बार यहां निर्यात नीति लागू की गई है।
कहां कितना शुल्क
भारत में निर्मित विदेशी मदिरा और वाइन की बोतल का भराई शुल्क 2000 एमएल के लिए 0.79 से 4.11 रुपए और विदेश में निर्यात के लिए 0.32 से 4.11 रुपए निर्धारित किया गया है। वहीं बीयर, वाइन के अलावा विदेशी शराब पर फ्रेंचाइजी और ब्रांड पंजीकरण शुल्क माफ किया गया है।
क्या है उद्देश्य
इस बारे में आबकारी राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल का कहना है कि राज्य की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास को इस नीति से गति मिलेगी। राजस्व में वृद्धि होगी और लोग निवेश के लिए आगे आएंगे। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में यूपी के ब्रांड की स्थिति मजबूत होगी। इससे अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
इस सप्ताह से शुरू होंगे आवंटन
2026 27 की आबकारी नीति के तहत इस सप्ताह से दुकानों के आवेदन के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। सरकार ने आबकारी विभाग को 71,278 करोड़ का राजस्व एकत्र करने का लक्ष्य दिया है। वहीं दुकान सुबह 10 बजे से लेकर रात 10 बजे तक खुली रहेगी। गौतम बुद्ध नगर और अन्य नगर निगम के क्षेत्र में मौजूद बार 12 से 2 बजे तक खोले जा सकेंगे लेकिन इसके लिए 2.5 लाख रुपए अतिरिक्त फीस देनी होगी। वहीं नगर पालिका रात 12 बजे से 1 बजे तक बार खोलने के लिए 1 लाख रुपए और होटल में 4 बजे तक बार खोलने के लिए 2.5 लाख रुपए अतिरिक्त फीस देनी होगी।





