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भारत-US ट्रेड डील पर बोलीं सपा सांसद डिंपल यादव, कहा- अमेरिका के सामने ‘नतमस्तक’ हुई सरकार

Written by:Gaurav Sharma
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समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने दिल्ली में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस डील की सच्चाई छिपा रही है और शून्य आयात शुल्क के कारण देश में रोजगार घटने का खतरा है।
भारत-US ट्रेड डील पर बोलीं सपा सांसद डिंपल यादव, कहा- अमेरिका के सामने ‘नतमस्तक’ हुई सरकार

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने दिल्ली में केंद्र सरकार पर इस डील को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश से सच्चाई छिपा रही है और इस समझौते के जरिए अमेरिका के सामने ‘नतमस्तक’ हो गई है।

डिंपल यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस ट्रेड डील से देश को होने वाले संभावित नुकसानों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण उत्पादों पर आयात शुल्क शून्य कर दिया जाएगा, जिसका सीधा असर भारतीय किसानों और घरेलू बाजार पर पड़ सकता है।

डील से रोजगार पर संकट?

सांसद डिंपल यादव ने समझौते के विवरणों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके लागू होने पर कृषि उत्पादों का भारत में बिना किसी आयात शुल्क के आयात किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसमें डेयरी उत्पाद और जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) अनाज भी शामिल होंगे, जो देश के कृषि क्षेत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकते हैं।

उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस कदम से देश में रोजगार में भारी कमी आ सकती है, क्योंकि सस्ते विदेशी उत्पादों की भरमार से स्थानीय बाजार और उद्योग प्रभावित होंगे।

“सरकार सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है। सरकार यूएस के आगे नतमस्तक हुई है। सरकार केवल पर्दे डालने का काम कर रही है।”- डिंपल यादव, सांसद, समाजवादी पार्टी

राहुल गांधी का मुद्दा ध्यान भटकाने की कोशिश

जब उनसे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी द्वारा विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की खबरों पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति बताया। डिंपल यादव ने साफ कहा कि सरकार ट्रेड डील जैसे गंभीर विषय पर चर्चा से बचने के लिए ऐसे कदम उठा रही है। उनके अनुसार, यह सब व्यापार समझौते की हकीकत से लोगों का ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
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