शहर के पॉश इलाके में 4 फरवरी को नौवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली तीन सगी बहनों की मौत की गुत्थी सुलझाने की दिशा में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जांच टीम ने उस मोबाइल फोन को बरामद कर लिया है, जिसे लड़कियों के पिता ने घटना से करीब 15 दिन पहले बेच दिया था। माना जा रहा है कि यह फोन इस पूरे मामले के सबसे बड़े रहस्य यानी ‘कोरियन गेम’ एंगल से पर्दा उठा सकता है।
पुलिस ने यह मोबाइल दिल्ली के शालीमार गार्डन इलाके से बरामद किया। लड़कियों के पिता चेतन कुमार ने इसे एक दुकानदार को 15,000 रुपये में बेच दिया था। परिवार और कुछ करीबियों ने दावा किया था कि तीनों बहनें एक टास्क-आधारित कोरियन ऑनलाइन गेम की आदी थीं और इसी वजह से उन्होंने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था।
डायरी ने खोले थे दिल के राज
इस दर्दनाक घटना के बाद पुलिस को बहनों के कमरे से 9 पन्नों की एक छोटी डायरी मिली थी, जिसने जांच को एक नई दिशा दी। डायरी में तीनों ने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया था, जिसमें कोरियाई संस्कृति के प्रति उनका गहरा लगाव साफ झलकता था। डायरी में बार-बार लिखा गया था, “हम कोरियन से प्यार करते हैं।”
लड़कियों ने यह भी लिखा था कि परिवार उन पर कोरियन संस्कृति छोड़ने और भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार शादी करने का दबाव बना रहा था। उन्होंने लिखा कि कोरियन उनकी जिंदगी है और वे इसे नहीं छोड़ सकतीं। डायरी के आखिरी पन्नों में पिता द्वारा की गई पिटाई का भी जिक्र था और लिखा था, “आपकी मार से हमारे लिए मौत बेहतर है… सॉरी पापा।”
मोबाइल डेटा से खुलेगा रहस्य?
पुलिस की शुरुआती जांच में किसी खास कोरियन टास्क-आधारित ऐप के इस्तेमाल के पुख्ता सबूत नहीं मिले थे। अब बरामद हुए मोबाइल फोन से ही आखिरी उम्मीद बची है। पुलिस उपायुक्त (ट्रांस हिंडन) निमिष पाटिल ने बताया कि फोन के डेटा की रिकवरी करवाना बेहद जरूरी है।
“मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया है। इसके डेटा की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह आत्महत्या किसी ऑनलाइन गेम से प्रेरित थी या नहीं।” — निमिष पाटिल, डीसीपी (ट्रांस हिंडन)
जांच में यह बात भी सामने आई थी कि पिता द्वारा फोन छीन लिए जाने के बाद तीनों बहनें बेहद परेशान थीं। उनका ऑनलाइन गेम और कोरियन दोस्तों से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि 16 साल की निशिका, 14 साल की प्राची और 12 साल की पाखी की मौत के पीछे की असली वजह क्या थी।





