अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान प्रबंधन से जुड़े अनियमितताओं के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता जताते हुए ट्रस्ट के पुनर्गठन और किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्त करने का सुझाव दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, SIT ने दान राशि की गणना, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा की है। जांच के दौरान चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारियों, ट्रस्ट पदाधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की गई। रिकॉर्ड, बैंक दस्तावेजों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई, ताकि दान प्रबंधन प्रणाली में किसी संभावित खामी या अनियमितता का पता लगाया जा सके।
SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक बदलाव की संभावना मजबूत हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईची ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन या अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में सुधार, पेशेवर प्रबंधन और सीईओ की नियुक्ति की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मंदिर जैसी विशाल धार्मिक संस्था में वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से पेशेवर प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने, निगरानी तंत्र को आधुनिक बनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए CEO नियुक्त करने का सुझाव सामने आया है।
प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद भी जारी रहेगी जांच
जानकारी के मुताबिक यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि जांच का प्रारंभिक निष्कर्ष है। एसआईटी को आगे भी कई बिंदुओं पर जांच जारी रखनी है। इसलिए सरकार फिलहाल इस रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है और आगे की कार्रवाई अंतिम रिपोर्ट तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय की जाएगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT ने जांच के दौरान ट्रस्ट और मंदिर प्रशासन से जुड़े कुछ अधिकारियों को अयोध्या में उपलब्ध रहने के निर्देश भी दिए थे। जांच का दायरा सिर्फ दान प्रबंधन तक सीमित नहीं है बल्कि नियुक्तियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जून में इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था।






