लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल गिरने के बाद देश में सियासी घमासान छिड़ गया है। भाजपा लगातार विपक्ष पर हमला बोल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश को संबोधित कर महिला आरक्षण मुद्दे पर विपक्षी दल कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी को निशाना बनाया था। अब रविवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर महिला आरक्षण मुद्दे पर अपनी बात रखी और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार की नीयत शुरू से ही साफ नहीं थी। यह बिल महिलाओं को सशक्त बनाने के बजाय उन्हें भ्रमित करने के उद्देश्य से लाया गया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकता ने सरकार मंसूबों को धूल चटा दी। ये भाजपा के खिलाफ देश में संकरी हो चुकी जन चेतना की जीत है। महिला आरक्षण बिल के सहारे भाजपा नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही थी। परिसीमन के रूप में यह बिल भी नारी का हरण करने आया था।
सरकार के नापाक इरादे हार गए- अखिलेश यादव
सपा सांसद ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के नापाक इरादे हार गए है। सीमांकन बिल पास नहीं हो सका। संसद में हार का सीधा मतलब है कि सरकार लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं करती। भाजपा का सीएमएफ फॉर्मूला अब बेकार हो गया है। लोगों में डर और अविश्वास पैदा करने की भाजपा की सामाजिक साज़िश अब काम नहीं करेगी। भाजपा समर्थकों को लगता है कि समाज में जो महिलाएं पुराने ख्यालात रखती हैं, उन्हें कम से कम अपनी तरफ कर लेना चाहिए, क्योंकि कोई भी जागरूक सोच वाली महिला भाजपा को वोट नहीं देगी।
अखिलेश यादव ने कहा, भाजपा इस बिल के जरिए महिलाओं की एकता में दरार डालकर उन्हें धोखा देना चाहती थी। भाजपा महिलाओं को सिर्फ एक नारा बनाने की कोशिश कर रही थी। हम महिला बिल के खिलाफ नहीं थे, बस भाजपा की गलत इरादे वाली फायदा उठाने वाली चालों के खिलाफ थे। जब गिनती ही गलत है तो आरक्षण सही कैसे हो सकता है?
अखिलेश ने कहा कि इस बार इस बिल के जरिए भाजपा महिलाओं की एकता में फूट डालकर उन्हें ठगना चाहती थी। लेकिन, विपक्षी एकता ने धूल चटा दी। सपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आधी आबादी को हक और सम्मान देने के पक्ष में तो है, लेकिन इसमें पिछड़े और दलित वर्ग की महिलाओं के लिए विशेष हक की बात होनी चाहिए। बीजेपी की नकारात्मक राजनीति का आधार दरार वाला रहा है।
विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं- सपा सांसद
सपा सांसद ने कहा कि पूरे देश के बुद्धिजीवी जानते हैं कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। जब नारी शक्ति बिल लाया गया था, तो सभी ने उसका समर्थन किया था। अब वह बिल भी कानून बन गया है। महिला आरक्षण लागू करने की पक्की तैयारी होनी चाहिए। सरकार को हमारा यही संदेश था कि जब तक जनगणना नहीं हो जाती, तब तक महिला आरक्षण नहीं होगा।
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी की प्रेस वार्ता – 19/04/2026 https://t.co/rfR9KDjBBT
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) April 19, 2026





