उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के अपने ही आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट सीधे तौर पर कहा कि राहुल गांधी को बिना नोटिस जारी किए एफआईआर का आदेश नहीं दिया जा सकता।
बता दें कि हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपने ही फैसले पर यूटर्न ले लिया है। 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार को कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था लेकिन 24 घंटे में कोर्ट ने अपना ही फैसला बदलकर एफआईआर के आदेश पर रोक लगा दी। इतना ही नहीं कोर्ट ने कहा कि बिना नोटिस दिए राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश उचित नहीं है। कोर्ट ने शनिवार को अपनी वेबसाइट पर संशोधित आदेश जारी किया है। इस मामले में अब 20 अप्रैल को सुनवाई की अगली तारीख तय की है।
जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कांग्रेस सांसद पर दोहरी नागरिका का आरोप है। विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया है कि राहुल गांधी के पास भारत और ब्रिटिश दो नागरिकता है और भारत के कानून के मुताबिक ये अपराध है। विग्नेश ने 28 जनवरी 2026 को एमपीएमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी लेकिन कोर्ट ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश देने की उसकी याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद याचिकाकर्ता विग्नेश ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और याचिका दायर की। इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता के खिलाफ एफआईआर का आदेश भी दिया लेकिन अगले ही दिन यानि की शनिवार को अपने ही एफआईआर वाले आदेश पर रोक लगा दी। बता दें कि याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी पर भारतीय न्याय संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम तथा पासपोर्ट अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं।





