उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में लंबित छोटे-छोटे मामलों के निपटान के लिए 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाने जा रही है। इसके जरिए छोटे-मोटे विवाद और बैंक रिकवरी जैसे मामलों का त्वरित समाधान किया जाएगा। तैयारी कर दौर तेज हो गया है और इसके लिए अधिकारियों की बैठक भी रखी गई।
लोक अदालत को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि अधिक से अधिक संख्या में मामलों की पहचान करें और उन्हें लोक अदालत के माध्यम से सुलझाएं।
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सुलझाए जाएंगे बैंक रिकवरी के मामले
मुख्य सचिव द्वारा यह बताया गया कि प्रत्येक विभाग की ओर से एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। यह अधिकारी बैंकों के साथ संपर्क में रहकर बैंक रिकवरी के मामले का निपटान करेगा। लोक अदालत का लाभ ज्यादा से ज्यादा जनता उठा सके इसके लिए जोर-शोर से प्रचार प्रसार किया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को इसके लाभ के बारे में बताया जा रहा है।
कैसे होगा निपटान
लोक अदालत में पेश किए गए मामले में पक्षकारों को समय पर नोटिस और समन भेजे जाएंगे। बिजली विभाग के जो मामले न्यायालय में चल रहे हैं उनका विवरण उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि इनका निस्तारण किया जा सके। मोटर वाहन अधिनियम के चालान भी जिला न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है। अगर कोई मामला बचता है तो इसका निस्तारण किया जाएगा।