बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। दरअसल उत्तर प्रदेश में अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर की व्यवस्था पूरी तरह से खत्म कर दी गई है। राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में बदलने का आदेश दिया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय लोगों की सुविधा को देखते हुए लिया गया है, ताकि बिजली व्यवस्था को और आसान बनाया जा सके।
दरअसल प्रदेश में अब सभी स्मार्ट मीटर, जो पहले प्रीपेड सिस्टम पर काम कर रहे थे, उन्हें तुरंत पोस्टपेड मोड में बदल दिया गया है। उपभोक्ताओं को अब हर महीने पोस्टपेड बिलिंग की सुविधा मिलेगी। सरकार ने तय किया है कि हर महीने की 10 तारीख तक बिजली का बिल जारी कर दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराने की झंझट से मुक्ति मिलेगी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
बिजली के प्री-पेड मीटर की व्यवस्था समाप्त करने का औपचारिक आदेश…
कुछ दिन पूर्व हमने निर्णय लिया था कि सभी स्मार्ट प्री-पेड मीटर अब पोस्ट पेड मीटर की तरह ही काम करेंगे। यह उसी का आदेश है।
सभी विद्युत उपभोक्ताओं को आगे और भी आश्वस्त करता हूँ कि विद्युत बिल के संबंध में आई… pic.twitter.com/X0g1AQE2gJ
— A K Sharma (@aksharmaBharat) May 7, 2026
बिलिंग सिस्टम पहले की तरह ही जारी रहेगा
ऊर्जा विभाग के अनुसार, बिलिंग सिस्टम पहले की तरह ही जारी रहेगा, जिसमें उपभोक्ताओं को बिल भरने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। इसके बाद भी अगर बिल का भुगतान नहीं होता है, तो 7 दिन की डिस्कनेक्शन अवधि होगी और तय समय पर बिल न भरने पर बिजली दरों के अनुसार लेट पेमेंट सरचार्ज भी लगेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब सभी नए बिजली कनेक्शन भी सिर्फ पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे। पहले जो सुरक्षा राशि प्रीपेड सिस्टम में एडजस्ट होती थी, उसे अब चार आसान किस्तों में बिल में जोड़कर जमा किया जा सकेगा।
उपभोक्ताओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। अगर किसी उपभोक्ता का मोबाइल नंबर सिस्टम में सही नहीं है, तो उसे ठीक करने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। ये कैंप 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी ऑफिस में चलेंगे। इसके अलावा, उपभोक्ता अपना बिजली बिल एसएमएस, वॉट्सएप और 1912 हेल्पलाइन के जरिए भी आसानी से देख सकेंगे।
पुराने बिल को आसान किस्तों में भुगतान करने की सुविधा
सरकार ने पुराने बकाया बिजली बिल को लेकर भी बड़ी राहत दी है। जिन उपभोक्ताओं पर पुराना बकाया है, उन्हें आसान किस्तों में भुगतान करने की सुविधा दी जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं पर 30 अप्रैल 2026 तक बकाया बिजली बिल है, तो उन्हें 10 आसान किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी। वहीं, अन्य कैटेगरी के उपभोक्ता अपनी बकाया राशि तीन किस्तों में (40%, 30% और 30% के रूप में) जमा कर सकेंगे।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि 15 मई से 30 जून तक पूरे प्रदेश में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां स्मार्ट मीटर और बिल से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए लिया गया है, जिससे बिजली व्यवस्था और भी आसान और बेहतर होगी।
विभाग के अनुसार, रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मोड में काम करेंगे। जून 2026 से उपभोक्ताओं को पोस्टपेड बिलिंग की सुविधा मिलने लगेगी। यानी, मई 2026 में इस्तेमाल की गई बिजली का बिल जून में जारी किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने यह भी बताया कि स्मार्ट प्री-पेड व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं के बीच कई प्रकार की समस्याएं सामने आ रही थीं, जिनको देखते हुए यह फैसला लिया गया है। यह नई व्यवस्था पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम और केस्को कानपुर में तत्काल प्रभाव से लागू की जाएगी। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क या तकनीकी कारणों से स्मार्ट मीटर की ऑटोमैटिक रीडिंग संभव नहीं होगी, वहां एएमआईएसपी एजेंसियों के जरिए मैनुअल रीडिंग ली जाएगी, ताकि किसी भी उपभोक्ता को बिल संबंधित कोई परेशानी न हो।






