Hindi News

योगी सरकार का MEGA फैसला, अनावश्यक नियमों पर सीधा प्रहार, प्रशासनिक सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव

Written by:Rishabh Namdev
Published:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कंप्लायंस रिडक्शन फेज-II की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अनावश्यक नियम और प्रक्रियाएं हटाने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद आम नागरिकों और उद्यमियों के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बेहतर बनाना है ताकि व्यवस्था पारदर्शी और समयबद्ध हो सके।
योगी सरकार का MEGA फैसला, अनावश्यक नियमों पर सीधा प्रहार, प्रशासनिक सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश में आम नागरिकों और उद्यमियों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनावश्यक नियमों, अनुमतियों और निरीक्षणों को खत्म करने का बड़ा निर्देश दिया है। गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने ‘कम्प्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन फेज-II’ की समीक्षा करते हुए कहा कि सुधार सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने चाहिए। मुख्यमंत्री का लक्ष्य प्रदेश में एक भरोसे पर आधारित, पारदर्शी और समयबद्ध प्रशासन देना है।

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि इन सुधारों का अनुभव हर आम व्यक्ति को होना चाहिए, चाहे वह घर बना रहा हो या कोई छोटा उद्यम शुरू कर रहा हो। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, दोनों में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार का संकल्प है।

भरोसे पर आधारित प्रशासन पर जोर

मुख्यमंत्री ने ‘डी-रेगुलेशन’ का मतलब समझाते हुए कहा कि इसका अर्थ नियंत्रण खत्म करना नहीं है, बल्कि गैर-जरूरी नियंत्रण हटाकर आवश्यक नियमों को सरल और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने सुधारों को स्थायी और संस्थागत रूप देने पर जोर दिया।

“डी-रेगुलेशन का अर्थ नियंत्रण समाप्त करना नहीं, बल्कि अनावश्यक नियंत्रण हटाकर जरूरी नियमों को सरल और पारदर्शी बनाना है।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री

बैठक में बताया गया कि कंप्लायंस रिफॉर्म्स के पहले चरण में उत्तर प्रदेश को देश में ‘बेस्ट स्टेट’ का दर्जा मिला है। अब फेज-II के तहत इन सुधारों को प्रशासन की कार्यप्रणाली और सोच में बदलाव का माध्यम बनाया जाएगा।

जमीन, निर्माण से लेकर ऊर्जा तक हर सेक्टर में सुधार

समीक्षा बैठक में विभिन्न सेक्टरों में किए जा रहे सुधारों की जानकारी दी गई। भूमि उपयोग से जुड़े नियमों को सरल किया जा रहा है ताकि किसानों और भू-स्वामियों को ‘चेंज इन लैंड यूज’ जैसी जटिल प्रक्रियाओं से न गुजरना पड़े।

इसी तरह, भवन निर्माण और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में नक्शा पास कराने और कंप्लीशन सर्टिफिकेट जैसी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए रिस्क-बेस्ड सिस्टम लाया जा रहा है। इसमें सेल्फ-सर्टिफिकेशन और डीम्ड अप्रूवल को बढ़ावा दिया जाएगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑटो-अप्रूवल पर फोकस

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों की प्रक्रियाओं को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का निर्देश दिया। इससे उद्योगों और संस्थानों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और हर काम की समयसीमा तय होगी। ऊर्जा सेक्टर में बिजली कनेक्शन और लोड बढ़ाने जैसी प्रक्रियाएं ऑनलाइन और ऑटो-अप्रूवल सिस्टम के जरिए तेज की जाएंगी।

पर्यावरण संबंधी अनुमतियों में भी कम जोखिम वाली गतिविधियों के लिए ट्रस्ट-बेस्ड अप्रोच अपनाई जाएगी। इसके अलावा पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी अनुमतियों को भी सरल बनाया जा रहा है, ताकि निवेश बढ़े और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें। सीएम योगी ने सभी विभागों को तय समयसीमा में सुधार लागू करने और उनकी नियमित निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
Follow Us :GoogleNews