यूपी एसटीएफ को बरेली में एक बड़ी सफलता मिली है। बरेली यूनिट ने बदायूं जेल से भागे दो लाख रुपये के इनामी सुमित को गिरफ्तार किया है, जो पिछले सात वर्षों से फरार था। आरोपी सुमित, जो मुरादाबाद का निवासी है, 2018 में ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र की हत्या के मामले में जेल में बंद था।

12 मई 2018 को, सुमित ने अचानक बदायूं जेल की दीवार कूदकर फरार हो गया। उसके भागने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई जगह छापेमारी की, लेकिन सुमित लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। उसके ऊपर दो लाख रुपये का इनाम रखा गया था, जिससे उसकी गिरफ्तारी की कोशिशें और तेज हो गईं।

गुरुवार को, बरेली यूनिट की एसटीएफ को सुमित के ठिकाने की जानकारी मिली। इसके बाद एसटीएफ ने उसे पकड़ने के लिए कई जगह छापेमारी की। पुलिस की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर सुमित इधर-उधर भागता रहा, लेकिन अंततः गुरुवार को वह एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। इस गिरफ्तारी को एसटीएफ की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

सुमित की गिरफ्तारी की प्रक्रिया

बरेली यूनिट की एसटीएफ ने सुमित की लोकेशन की जानकारी मिलने के बाद उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। टीम ने कई संभावित स्थानों पर छापेमारी की। सुमित की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने पूरी तैयारी की थी, जिससे उसे पकड़ने में सफलता मिली। पुलिस की कार्रवाई के दौरान सुमित ने भागने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका।

गिरफ्तारी के समय सुमित ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की तत्परता के कारण वह पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी न केवल एसटीएफ की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह दर्शाता है कि पुलिस फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए कितनी गंभीरता से काम कर रही है।

पुलिस की कार्रवाई के प्रभाव

सुमित की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि यूपी एसटीएफ ने अपनी कार्यप्रणाली को और मजबूत किया है। पिछले सात वर्षों से फरार सुमित की गिरफ्तारी से पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह किसी भी अपराधी को नहीं बख्शेगी।

गिरफ्तारी के बाद सुमित को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना पुलिस की तत्परता और प्रयासों को दर्शाती है, जो कि समाज में सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।