उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सपा के रवैये को लेकर सीएम ने कड़े शब्दों में हमला बोलते हुए कहा कि मुख्य प्रतिपक्षी दल ने प्रदेश की संवैधानिक प्रमुख का अपमान किया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण शासन की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का दस्तावेज होता है, लेकिन प्रतिपक्ष का व्यवहार बहुत ही अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। उन्होंने आगे कहा कि संवैधानिक पद के प्रति मुख्य प्रतिपक्ष का व्यवहार लोकतंत्र को कमजोर करता है और यह अवमानना के दायरे में आता है।
2017 के पहले माफियाओं का राज था: योगी
विधान परिषद में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली सपा सरकार पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अपराध का गढ़ बन गया था और गुंडे तथा माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे। योगी ने दावा किया कि प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता का पर्याय बन गई थी।
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने रूल ऑफ लॉ स्थापित किया है। यूपी में अब न कर्फ्यू है न दंगा है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा उत्तर प्रदेश से है और अब प्रदेश में दंगे नहीं होते हैं। आक्रांताओं का महिमामंडन और देशद्रोहियों के समर्थन में बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सपा ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई: आरोप
मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी पर धार्मिक मुद्दों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने गाजी के मेले का समर्थन किया था और कांवड़ यात्राओं पर रोक लगाती थी। योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी राम मंदिर और काशी विश्वनाथ का विरोध करती है।
सीएम ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थी और विपक्ष ने राम तथा कृष्ण को अदालत में मिथक बताया था। उन्होंने आगे कहा कि सपा ने वंदे मातरम् का अपमान किया और उन्हें राष्ट्रगीत से दिक्कत है, जो संविधान की अवहेलना है।
यूपी अब सरप्लस स्टेट बन गया है
विधानपरिषद में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज कानून का राज है और अब दंगे नहीं होते हैं। यूपी की पहचान अब रंगोत्सव और दीपोत्सव से होती है।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि 6 सालों में यूपी सरप्लस स्टेट बन गया है और खाद्यान्न उत्पादन में नंबर वन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और अन्नदाता अब उद्यमी बन रहे हैं। सीएम ने कहा कि पहले किसान सिर्फ वोटबैंक होते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
मुख्यमंत्री के इस संबोधन को सत्तापक्ष ने जोरदार तालियों से सराहा, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।





