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उत्तर प्रदेश के पेंशन धारकों को तोहफा देने की तैयारी में सरकार, पेंशन में की जाएगी बढ़ोत्तरी

Written by:Diksha Bhanupriy
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उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं से भावनात्मक रूप से जुड़ाव बनाने का रास्ता ढूंढ लिया है। राज्य में चल रही विभिन्न पेंशन योजना की राशि में वृद्धि करने पर काम चल रहा है।
उत्तर प्रदेश के पेंशन धारकों को तोहफा देने की तैयारी में सरकार, पेंशन में की जाएगी बढ़ोत्तरी

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साल 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस चुनाव से पहले योगी सरकार बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर रही है। सभी पेंशन योजनाओं से मिलने वाली राशि में 500 रुपए की बढ़ोतरी कर सामाजिक सुरक्षा का संदेश दिया जाएगा। इसका फायदा प्रदेश में मौजूद एक करोड़ पेंशन धारकों को होने वाला है।

विधानसभा चुनाव की तैयारी और रणनीति अंतिम रूप में चल रही है। ऐसे में सरकार का यह निर्णय अहम साबित हो सकता है। विरोधियों द्वारा सरकार पर उठाए जा रहे हैं सवालों का जवाब भी दिया जा सकेगा। चलिए जान लेते हैं पेंशन धारकों को किस तरह से लाभ मिलने वाला है।

प्रदेश में कौन सी पेंशन योजनाएं

वर्तमान में प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, निराश्रित विधवा महिला पेंशन जैसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। 2017 से पहले इन सभी योजनाओं में 300 रुपए मासिक पेंशन दी जाती थी। भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसमें 200 रुपए प्रतिमाह की बढ़ोत्तरी की थी। इसके बाद 500 रुपए की वृद्धि के साथ हर माह मिलने वाली पेंशन 1000 रुपए कर दी गई थी।

पेंशन में की जाएगी वृद्धि

आप पेंशन राशि में तीसरी बार वृद्धि की रूपरेखा तैयार की जा रही है। अगर इसमें 500 रुपए बढ़ाए जाते हैं तो ये 1500 रूपये प्रति माह तक पहुंच जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए संबंधित विभागों से इस योजना और उसके लाभार्थियों की जानकारी के साथ बढ़ोतरी के बाद बढ़ने वाले व्यय के संबंध में भी जानकारी ली गई है।

कितनी है पेंशन धारकों की संख्या

वर्तमान में 67.50 लाख लोगों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है। वहीं निराश्रित विधवा महिलाओं की संख्या 40 लाख है। साढ़े 11 लाख से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। अगर इनके परिवारों को जोड़ा जाए तो पेंशन वृद्धि का असर करोड़ों मतदाताओं तक पहुंचेगा।

चुनावी रणनीति का हिस्सा

मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात कहीं जा रही है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी की जा रही है। रोजगार, महंगाई और आय जैसे मुद्दों के बीच पेंशन धारकों और मतदाताओं को इस फैसले से सकारात्मक संदेश दिया जाएगा। इसके जरिए बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग मतदाताओं से भावनात्मक रूप से जुड़ने की कोशिश की जाएगी।