Hindi News

बाढ़ पर ‘टीम-11’ की तैनाती: सीएम योगी ने मंत्रियों को जिलों में उतारा, लापरवाही पर सख्त चेतावनी

Written by:Saurabh Singh
Published:
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी प्रभारी मंत्री तुरंत अपने-अपने जिलों में जाएं। राहत शिविरों का निरीक्षण करें, प्रभावित परिवारों से मिलें और जमीनी हकीकत समझें।
बाढ़ पर ‘टीम-11’ की तैनाती: सीएम योगी ने मंत्रियों को जिलों में उतारा, लापरवाही पर सख्त चेतावनी

उत्तर प्रदेश में बाढ़ का कहर जारी है। कई जिले पानी में डूबे हैं, घर उजड़ रहे हैं, रास्ते बंद हो चुके हैं और लोगों की जिंदगी खतरे में है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कमान संभाल ली है। उन्होंने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मंत्रियों की एक विशेष ‘टीम-11’ का गठन किया है। इस टीम को 12 बाढ़ प्रभावित जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा है कि ये वक्त संवेदनशीलता, तत्परता और पारदर्शिता के साथ काम करने का है और इसमें लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलों में जाकर काम देखेंगे मंत्री

शनिवार को आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी प्रभारी मंत्री तुरंत अपने-अपने जिलों में जाएं। राहत शिविरों का निरीक्षण करें, प्रभावित परिवारों से मिलें और जमीनी हकीकत समझें। सीएम ने अफसरों को भी आदेश दिए कि डीएम, एसपी, सीएमओ समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में रहें। निगरानी व्यवस्था चौबीसों घंटे चालू रखी जाए।

पीड़ितों को 24 घंटे में मदद

सीएम ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को हर हाल में 24 घंटे के भीतर सहायता राशि दी जाए। राहत सामग्री और खाने के पैकेट की क्वालिटी और टाइमिंग में कोई कोताही न हो। मदद की हर प्रक्रिया स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से होनी चाहिए।

उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट्स को प्रभावी ढंग से मैदान में उतारा जाए। किसी भी अफवाह या गलत सूचना पर तुरंत सख्त ऐक्शन लिया जाए। सभी सरकारी कर्मियों का व्यवहार पीड़ितों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक होना चाहिए। सीएम ने किसानों की फसलों का फौरन सर्वे कराने को कहा है। राजस्व और पंचायती राज विभाग को निर्देश दिया गया है कि मुआवजे की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो। साथ ही शहरी इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए नालों की सफाई और पंपिंग स्टेशनों को एक्टिव मोड में रखा जाए।

कौन मंत्री कहां?

  • प्रयागराज, मीरजापुर, बांदा: नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’
  • जालौन: स्वतन्त्र देव सिंह और संजय गंगवार
  • औरैया: स्वतन्त्र देव सिंह और प्रतिभा शुक्ला
  • हमीरपुर: रामकेश निषाद
  • आगरा: जयवीर सिंह
  • वाराणसी: सुरेश खन्ना
  • कानपुर देहात: संजय निषाद
  • बलिया: दया शंकर मिश्रा ‘दयालु’
  • इटावा: धर्मवीर प्रजापति
  • फतेहपुर: अजीत पाल

बुंदेलखंड में बाढ़ का कहर, सड़कें बंद

बुंदेलखंड के जिलों में यमुना उफान पर है। सड़कों पर पानी चढ़ गया है। बांदा से हमीरपुर जाने वाला पपरेंदा मार्ग और राजापुर से चित्रकूट जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया है। लोग कानपुर की ओर जाने के लिए अब बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, बेंदाघाट और औगासी पुल का सहारा ले रहे हैं।

चिल्ला होते हुए बांदा-कानपुर मार्ग भी शुक्रवार को ही बंद कर दिया गया था। चित्रकूट की सरधुवा दलित बस्ती से 35 परिवारों को सुरक्षित जगह भेजा गया है। वहीं हमीरपुर के मुस्करा इलाके में बारिश की वजह से एक दो मंजिला मकान गिर गया। हादसे में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि उसकी बच्ची बच गई। हमीरपुर में बेतवा नदी की बाढ़ में एक युवक की डूबने से मौत हो गई। उसका शव कुछ घंटे बाद घर के पास ही मिला। जालौन और कानपुर देहात में यमुना का जलस्तर शनिवार दोपहर से गिरने लगा है, जो थोड़ी राहत की बात है।

Saurabh Singh
लेखक के बारे में
राजनीति में गहरी रुचि. खबरों के विश्लेषण में तेज और राजनीतिक परिस्थितियों की समझ रखते हैं. देश-दुनिया की घटनाओं पर बारीक नजर और फिर उसे खबरों के रूप में लिखने के शौकीन हैं. View all posts by Saurabh Singh
Follow Us :GoogleNews