अयोध्या: चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के प्रथम दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में ‘श्रीराम यंत्र’ की विधि-विधान से प्रतिष्ठापना की। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने रामराज्य की अवधारणा को वर्तमान वैश्विक परिदृश्य से जोड़ा और आस्था के अपमान को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए एक अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध, अराजकता और भय का माहौल है, तब भारत अयोध्या में राष्ट्रपति जी के सान्निध्य में श्रीराम यंत्र की स्थापना कर ‘रामराज्य’ की अनुभूति कर रहा है।

आस्था और अंधविश्वास पर विपक्ष को घेरा

सीएम योगी ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय था जब हमारी आस्था को ‘अंधविश्वास’ कहकर अपमानित किया गया था। उन्होंने कहा, “इसे अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो अपनी सत्ता बचाने के लिए नोएडा जाने से डरते थे। उनका नोएडा न जाना अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर या काशी-मथुरा की बात करना उनके लिए अंधविश्वास का पर्याय था।”

“जो आस्था 500 वर्षों तक निरंतर संघर्ष करती रही, वह न रुकी, न डिगी और न झुकी। अंततः वह दिन आया, जब अयोध्या इस भव्य रूप में सबके सामने है।”- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर का भूमि पूजन, प्राण-प्रतिष्ठा और आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्यक्रम हर सच्चे भारतीय और सनातन धर्मावलंबी को आनंदित कर रहा है।

‘राम मंदिर राष्ट्र मंदिर का प्रतीक’

मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को भारत के ‘राष्ट्र मंदिर’ का प्रतीक बताया और इसे रामराज्य की आधारशिला करार दिया। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी दिग्भ्रमित नहीं है। वह नववर्ष मनाने के लिए ऐसे किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाती, जहां सनातन का विरोध होता हो, बल्कि अपने परिवार के साथ मंदिरों में दर्शन करने जाती है।

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन में हुई वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक वर्ष में लगभग 156 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक धार्मिक स्थलों की यात्रा पर आए, जो कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक है। यह बदलते हुए नए भारत की तस्वीर है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन में बलिदान देने वाले रामभक्तों, संतों और विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंहल को नमन किया। इस अवसर पर श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, मां अमृतानंदमयी (अम्मा) समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।