उत्तराखंड में इस साल अगस्त के दौरान चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वहीं तेज बारिश, हाईवे बंद होने और कई जगह भूस्खलन की घटनाओं के बावजूद बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में कुल 2,31,518 यात्रियों ने दर्शन किए। बीते चार साल में अगस्त महीने में यह सबसे ज्यादा संख्या है। बता दें कि बद्रीनाथ धाम यात्रियों की संख्या के मामले में सबसे आगे रहा।
इस साल चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हुई थी। जुलाई में यात्रा की रफ्तार धीमी रही लेकिन अगस्त में यात्रियों की संख्या बढ़ गई। पिछले साल के अगस्त महीने की तुलना में इस बार 93,680 ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। वहीं 2024 के मुकाबले इस साल अगस्त में 1,18,502 यात्रियों की संख्या ज्यादा रही।
बद्रीनाथ में 1.25 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
दरअसल अगस्त में चारधाम यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे। यहां 1.25 लाख से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए। केदारनाथ में भी तीन साल बाद अगस्त महीने में सबसे ज्यादा शिव भक्त पहुंचे। चारधाम यात्रा में अगस्त के आंकड़ों ने बीते चार साल में नया रिकॉर्ड बनाया है। कोरोना काल के बाद अगस्त 2022 में चारधाम में 2 लाख 67 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। इसके बाद इस साल अगस्त में 2,31,518 श्रद्धालुओं के पहुंचने का आंकड़ा सामने आया है।
जुलाई में यात्रियों की कमी रही
इस बार यात्रा के दौरान बारिश और भूस्खलन के कारण कई जगह रास्ते प्रभावित हुए और हाईवे भी बंद हुए, लेकिन अगस्त में चारधाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। चारधाम में बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री शामिल हैं। इस साल यात्रा शुरू होने के बाद जुलाई में यात्रियों की रफ्तार कम रही थी। अगस्त में यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ी और महीने के दौरान कुल 2.31 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारों धाम पहुंचे।
हेमकुंड साहिब में भी अगस्त में रिकॉर्ड श्रद्धालु
वहीं उत्तराखंड के सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में भी अगस्त 2026 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पिछले महीने यहां 67,863 यात्रियों ने दर्शन किए। हेमकुंड साहिब की यात्रा 1 जून से शुरू हुई थी और अब तक कुल 2.89 लाख श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं। बीते साल पूरे सीजन में हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2 लाख 74 हजार थी। इस बार यात्रा के दौरान यह आंकड़ा 40 दिन पहले ही पार हो गया है।






