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‘नंदा लक्ष्मी हस्तशिल्प ग्राम’ देनापानी में बनेगा, सीएम धामी का सांस्कृतिक और आय बढ़ाने वाला वादा

Written by:Vijay Choudhary
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‘नंदा लक्ष्मी हस्तशिल्प ग्राम’ देनापानी में बनेगा, सीएम धामी का सांस्कृतिक और आय बढ़ाने वाला वादा

उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और ग्रामीण आर्थिक समृद्धि के बीच पुल बनाने की दिशा में एक नया पहल शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘नंदा देवी हस्तशिल्प ग्राम’ की स्थापना की घोषणा प्रदेश में दूर-दराज़ के कारीगरों को उद्देश्यपूर्ण पहचान और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना से देनापानी क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह हस्तशिल्प ग्राम सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं—बल्कि कला, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान में निवेश का प्रतीक है।

यह स्थल देनापानी में उत्तराखंड की पारंपरिक हस्तशिल्प कला—जैसे बुनाई, पत्थर से नक़्क़ाशी, लकड़ी पर नक्काशी और अन्य लोक कलाएं—को संरक्षित, प्रदर्शित और एक नए बाजार तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा। इससे कारीगरों को सहारा मिलेगा और कला को पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आस्था-अवसर नंदा देवी महोत्सव के वर्चुअल उद्घाटन में यह घोषणा की। साथ ही अल्मोड़ा में मंशी हरि प्रसाद टम्टा धर्मशाला और क्राफ्ट म्यूज़ियम के सौंदर्यीकरण का संकल्प भी जताया, जो कारीगरों का केंद्र और सांस्कृतिक धरोहर का पुख्ता आधार बन सकता है।

बुनियादी ढांचा और सांस्कृतिक संवर्धन

मुख्यमंत्री ने स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की बात कहते हुए बताया कि ये स्थल पर्यटन के साथ-साथ युवाओं में सांस्कृतिक जुड़ाव भी बढ़ाएंगे। छात्रों और युवाओं को इसमें भागीदारी के अवसर मिलेंगे, जिससे लोक कला को आधुनिक संदर्भ में सरोकार मिल सकेगा। यह योजना लोक कला और शिल्पकारों के संरक्षण के साथ-साथ मंदिरों और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण को भी आगे बढ़ाएगी। इससे देनापानी समेत आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक असर

गरीब परिवारों के कारीगरों को सहारा मिलेगा, उनके हुनर से धन आया जा सकेगा। युवाओं में रोजगार हेतु अवसर, शिक्षा और हुनर के माध्यम से सशक्तिकरण होगा। स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने का असर होगा, जिससे पर्यटन और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। देनापानी में स्थापित होने वाला ‘नंदा लक्ष्मी हस्तशिल्प ग्राम’ उत्तराखंड की लोक संस्कृति और आर्थिक उन्नति का संगम होगा। मुख्यमंत्री धामी की यह पहल सिर्फ कला के संरक्षण में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गौरव को आर्थिक रूप से भी सशक्त करने का एक दूरदर्शी कदम प्रतीत होती है।

Vijay Choudhary
लेखक के बारे में
पछले पांच सालों से डिजिटल पत्रकार हैं. जुनूनी न्यूज राइटर हैं. तीखे विश्लेषण के साथ तेज ब्रेकिंग करने में माहिर हैं. देश की राजनीति और खेल की खबरों पर पैनी नजर रहती है. View all posts by Vijay Choudhary
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