चम्पावत: रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को चम्पावत के धूरा में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव-2026’ में पहुंचे। यहां उन्होंने माताओं-बहनों से रक्षा सूत्र बंधवाया और जिले को ₹62.97 करोड़ की 50 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें ₹11.08 करोड़ की 20 योजनाओं का लोकार्पण और ₹51.89 करोड़ की 30 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
रामलीला मैदान धूरा में आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने कुमाऊंनी भाषा में महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वे अपनी बहनों, माताओं, बेटियों और भांजियों के बीच अपने घर आए हैं और चम्पावत से मिलने वाला प्रेम और अपनापन उन्हें हमेशा नई ऊर्जा देता है।
सड़क, पेयजल से लेकर बाढ़ सुरक्षा तक होंगे काम
लोकार्पण और शिलान्यास वाली योजनाओं में सड़क, पेयजल, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और धार्मिक पर्यटन से जुड़े काम शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई नए विकास कार्यों की घोषणा भी की।
इनमें धूरा में पेयजल योजना, धूरा से सेतीचौड़ ब्याला तक संपर्क मार्ग, ककनई के बूंगा दुर्गापीपल तक सड़क और भागिना भंडारी में मुख्य सड़क से राजकीय इंटर कॉलेज एवं प्राथमिक विद्यालय दयारतोली तक सीसी रोड और इंटरलॉकिंग टाइल्स के काम शामिल हैं। धन और बस्तियागूंठ के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा।
अलग-अलग क्षेत्रों में भूकटाव और बाढ़ से सुरक्षा के लिए वायरक्रेट कार्य कराने के साथ पोथ में लदिया नदी पर झूला पुल, दियूरी से चौड़ा तक सड़क का सुधारीकरण और डामरीकरण, डांडा ककनई में सिंचाई के लिए नलकूप तथा सुखीढांग-डांडा-मीनार मोटर मार्ग पर हॉटमिक्स का काम भी कराया जाएगा। बुडम के कठोल में भी झूला पुल बनाया जाएगा।
₹256.97 करोड़ से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज
सीएम धामी ने कहा कि चम्पावत में बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें ₹256.97 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, कॉलेज हॉस्टल, ITI लैब, इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान और महिला प्रौद्योगिकी पार्क शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कोशिश यह है कि चम्पावत की बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने और बेहतर अवसरों के लिए गांव या जिले से बाहर जाने की मजबूरी न रहे।

CM बोले- लखपति दीदी के बाद अब करोड़पति बनें महिलाएं
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के काम की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि लखपति दीदी बनने के बाद प्रदेश की माताएं-बहनें आगे बढ़ें और करोड़पति बनें।
स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’, हाउस ऑफ हिमालयाज, हिलांस आउटलेट, फूड वैन और ई-रिक्शा जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि लक्ष्य महिलाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
उन्होंने कहा कि एक महिला के आत्मनिर्भर होने से परिवार मजबूत होता है और परिवारों की मजबूती से गांव, समाज और आखिर में पूरा उत्तराखंड सशक्त होता है। सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है जहां किसी बेटी को अवसरों की कमी के कारण पलायन न करना पड़े।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉल भी देखे। बाल विकास विभाग के स्टॉल पर छोटी बच्चियों के साथ केक काटकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया। कार्यक्रम में पहुंची महिलाओं को रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री की ओर से उपहार भी दिए गए।
इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, मुकेश कलखुड़िया, श्याम नारायण पांडेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी, जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक रेखा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।






