रुद्रप्रयाग: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि विकासखंड स्थित ग्राम बीरों देवल का दौरा किया। वे यहां 20 वर्षों के बाद आयोजित हो रही ऐतिहासिक मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए दो बड़ी घोषणाएं कीं, जिसमें मां चंडिका मंदिर प्रांगण का पुनर्निर्माण और बसुकेदार में नए तहसील भवन का निर्माण शामिल है।
सीएम धामी ने सबसे पहले मां चंडिका मंदिर पहुंचकर महायज्ञ में भाग लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस धार्मिक आयोजन में भारी संख्या में जुटे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
धार्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संगम
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रतीक है। उन्होंने इस आयोजन को धार्मिक और आध्यात्मिक संगम का प्रतीक बताया। सीएम धामी ने कहा कि ऐसे आयोजनों में जनसहभागिता उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान है, जो समाज में समरसता और एकता को मजबूत करती है।
“किसी भी देवस्थान पर जाना मात्र संयोग नहीं होता, बल्कि इसे ईश्वरीय आह्वान और आशीर्वाद के रूप में देखा जाना चाहिए। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल जड़ों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
उन्होंने सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता पर भी बल दिया।
विकास और संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए अभूतपूर्व प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ में हुए पुनर्निर्माण कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आज ‘दिव्य एवं भव्य केदार’ का स्वरूप सबके सामने है।
उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा-निरोधक प्रावधानों को सख्ती से लागू किया गया है। इसके अलावा, राज्यभर में 12 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उत्तराखंड पूरे देश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला पहला राज्य बना है।





