गुजरात के कच्छ जिले से आई एक खबर ने हर किसी को चौंका दिया है। जहां लोग स्वाद के लिए पानीपुरी खाने पहुंचे थे, वहीं कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और हालात इतने गंभीर हो गए कि एक साथ करीब 100 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कच्छ फूड पॉइजनिंग का यह मामला न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बना है, बल्कि बाहर खाने की आदतों पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर फूड सेफ्टी की अहमियत को उजागर कर दिया है।
कैसे बिगड़ी 100 लोगों की तबीयत
कच्छ फूड पॉइजनिंग की यह घटना लोदाई इलाके की बताई जा रही है, जहां एक ही जगह से पानीपुरी खाने के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए।
लोगों को अचानक उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं होने लगीं। शुरुआत में कुछ लोगों की तबीयत खराब हुई, लेकिन देखते ही देखते यह संख्या बढ़कर करीब 100 तक पहुंच गई। स्थिति गंभीर होते ही स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। यह कच्छ फूड पॉइजनिंग का मामला कुछ ही घंटों में पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों की टीम अलर्ट
कच्छ फूड पॉइजनिंग के बाद सभी प्रभावित लोगों को तुरंत भुज के अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों के इलाज में जुटी हुई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर अभी भी निगरानी बनाए हुए हैं। अस्पताल में अचानक इतने मरीज पहुंचने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया, लेकिन प्रशासन ने तेजी से स्थिति को संभाल लिया।
स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटा, सैंपल भेजे गए लैब
कच्छ फूड पॉइजनिंग के इस मामले के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग की दो टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी गई। पानीपुरी में इस्तेमाल किए गए पानी और मसालों के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें लैब जांच के लिए भेजा गया है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि खराब पानी या दूषित सामग्री इस घटना की वजह हो सकती है। हालांकि असली कारण रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा।
इलाके में फूड सप्लाई पर रोक, सख्त कार्रवाई के संकेत
कच्छ फूड पॉइजनिंग के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सख्त कदम उठाए हैं। इलाके में बाहर से आने वाले फूड ट्रकों की जांच के आदेश दिए गए हैं और खाद्य पदार्थों की सप्लाई पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






