उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुशखबरी है। राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि की है। इसके बाद डीए/डीआर की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है।
नई दरें जनवरी 2026 से लागू होंगी, ऐसे में जनवरी से अप्रैल 2026 तक के एरियर का भुगतान किया जाएगा। इस फैसले से राज्य के लगभग 2.5 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे।
इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने नवंबर 2025 में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में जुलाई 2025 से 3% की बढ़ोत्तरी की थी, जिसके बाद डीए/डीआर की दर 55% से बढ़कर 58% हो गई थी । मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद वित्त विभाग शीघ्र ही महंगाई भत्ता बढ़ाने के आदेश जारी करेगा।
बता दें कि अबतक राजस्थान, बिहार, हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक समेत कई राज्यों ने अपने कर्मचारियों पेंशनर्स का डीए बढ़ा दिया है और अब उत्तराखंड सरकार ने बढ़ोत्तरी की घोषणा की है। इस फैसले के बाद राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का डीए/डीआर केंद्र के समान हो गया है।
क्या होता है मंहगाई भत्ता
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च–अप्रैल और अक्टूबर-नवंबर के आसपास होता है। केन्द्र सरकार के ऐलान के बाद राज्य सरकारों द्वारा घोषणा की जाती है।






