मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को उत्तराखंड मंत्रिमंडल बैठक (Uttarakhand Cabinet Meeting) का आयोजन लिया है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। पीएम नरेंद्र मोदी की अपील को ध्यान में रखते हुए ईंधन बचत पर भी जोर दिया गया है। राज्य में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए “एक अधिकारी-एक वाहन”, साप्ताहिक “नो व्हीकल डे” समेत कई नीतियाँ लागू की जाएगी।
राज्य में सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्र में वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
ईंधन बचत को लेकर कैबिनेट बैठक के अन्य फैसले
- बैठक में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या में 50% की कटौती की है।
- सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” भी घोषित किया गया है।
- सरकारी एवं निजी भवनों में AC के इस्तेमाल को सीमित करने की प्रयास भी किए जाएंगे।
- जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।
- मीटिंग में ईवी पॉलिसी पर भी चर्चा की गई, जिसे राज्य में जल्द ही लाया जाएगा। नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50% अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।
प्राकृतिक खेती और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा
- किसानों को प्राकृतिक खेती, जीरो बजट फ़ार्मिंग और बायो-इनपुट्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- PNG कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में पीएनजी इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जाएगी
- पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत रुफ़टॉप सोलर को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया।
- माइनिंग, सोलर और पावर प्रोजेक्ट्स की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।
सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। “विजिट माय स्टेट” अभियान के जरिए घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य में डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहन और सिंगल विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था करने का निर्देश भी सीएम धामी ने दिया है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
“मेड इन इंडिया” पर जोर
राज्य में “मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “मेड इन स्टेट” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “मेक इन इंडिया” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।
कुकिंग ऑयल की खपत घटाने के लिए अभियान
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाने का फैसला भी लिया गया है। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाने की कोशिश की जाएगी। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को “लॉ ऑयल मेन्यू” अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस-यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति… pic.twitter.com/3B2q1p0H4m
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) May 13, 2026






