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निलंबन अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता जारी करने के बदले क्लर्क ने भृत्य से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

Written by:Atul Saxena
Published:
स्कूल में पदस्थ भृत्य से 14 माह की निलंबन अवधि के जीवन निर्वाह भत्ता लगभग 1,65,000 रुपये जारी करने के लिए बीईओ कार्यालय धनौरा में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 अरुण कुमार कुमरे ने 32000 रुपए की रिश्वत मांगी और 10000 रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
निलंबन अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता जारी करने के बदले क्लर्क ने भृत्य से ली रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

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जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी धनौरा जिला सिवनी कार्यालय की स्थापना शाखा में पदस्थ क्लर्क को एक भृत्य से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, आरोपी क्लर्क ने भृत्य से उसका निलंबन समाप्त होने के बाद निलंबन अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी।

जबलपुर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक सिवनी जिले के ग्राम छुई निवासी देवेंद्र कुमार सिरसामने एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी धनौरा सिवनी की स्थापना शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 अरुण कुमार कुमरे पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

भृत्य को मिलने वाली राशि जारी करने मांगी रिश्वत  

आवेदक देवेंद्र कुमार सिरसाम ने बताया कि वो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनवारा विकासखंड धनौरा जिला सिवनी में भृत्य के पद पर पदस्थ है इसके पूर्व में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीमगढ़ विकासखंड छपारा में पदस्थ था जहां उसे निलंबित कर दिया गया था तथा बहाली के उपरांत वर्तमान पदस्थापना पर पदस्थ किया गया था ,14 माह की निलंबन अवधि के जीवन निर्वाह भत्ता लगभग 1,65,000 रुपये जारी करने के लिए कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी धनौरा में पदस्थ सहायक ग्रेड 3 अरुण कुमार कुमरे 32000 रुपए की रिश्वत मांग रहा है।

10 हजार रुपये की रिश्वत लेते क्लर्क गिरफ्तार 

शिकायत का सत्यापन कराया गया और इस दौरान क्लर्क अरुण कुमार कुमरे 25000 रुपये की रिश्वत राशि लेने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद ट्रैप प्लान किया गया और आज 13 मई 2026 को अरुण कुमार कुमरे सहायक ग्रेड 3 को भृत्य देवेंद्र कुमार सिरसाम से 10000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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