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सिवनी में सनसनी: कुएं में मिला मादा बाघ का 2 दिन पुराना शव, करंट से मौत!

Written by:Bhawna Choubey
Published:
सिवनी में मादा बाघ की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। खेत में लगाए गए करंट से जान गई और शव को कुएं में फेंका गया। वन विभाग की कार्रवाई तेज, एक आरोपी हिरासत में, जांच जारी।
सिवनी में सनसनी: कुएं में मिला मादा बाघ का 2 दिन पुराना शव, करंट से मौत!

मध्य प्रदेश के सिवनी से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने वन्यजीवों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खेत के एक कुएं में मादा बाघ का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

पहली नजर में यह एक सामान्य घटना लग सकती थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला बेहद गंभीर और दर्दनाक होता गया। करंट लगने से मौत और फिर शव को छिपाने की कोशिश इस पूरी घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

सिवनी में मादा बाघ की मौत कैसे हुई? 

सिवनी वन परिक्षेत्र के चारगांव इलाके में खेत के एक कुएं में दो दिन पुराना मादा बाघ का शव मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कुएं में उतरकर शव को बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि खेत में वन्यजीवों से फसल बचाने के लिए करंट फैलाया गया था। इसी करंट की चपेट में आने से मादा बाघ की मौत हो गई।

मौत के बाद शव को कुएं में फेंका गया

जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। बाघ की मौत के बाद आरोपियों ने उसके शव को छिपाने के लिए खेत के पास मौजूद कुएं में फेंक दिया। यह साफ दिखाता है कि घटना के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई। अगर समय पर यह मामला सामने नहीं आता, तो शायद यह सच कभी सामने नहीं आता।

वन विभाग की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने तेजी से कार्रवाई की। सिवनी के उपवनमंडल अधिकारी युगेश पटेल के अनुसार, इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

पोस्टमार्टम के बाद बाघ के शव का अंतिम संस्कार नियमों के अनुसार किया गया। वन विभाग अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि इसमें शामिल सभी लोगों तक पहुंचा जा सके।

करंट से बाघ की मौत

खेतों में करंट फैलाकर वन्यजीवों को रोकने की कोशिश करना कानूनन अपराध है। यह तरीका न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि कई बार मासूम जानवरों की जान ले लेता है। सिवनी में मादा बाघ की मौत इसी लापरवाही और गैरकानूनी तरीके का परिणाम है। इस तरह की घटनाएं वन्यजीव संरक्षण के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।

सिवनी बाघ मौत का पर्यावरण पर असर

बाघ जैसे दुर्लभ और संरक्षित जीव की मौत सिर्फ एक जानवर का नुकसान नहीं है, बल्कि यह पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर असर डालती है। बाघ जंगल के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी संख्या में कमी आना पर्यावरण के लिए खतरे की घंटी है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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