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हरिद्वार भगदड़ हादसा, मनसा देवी मंदिर मार्ग पर मची अफरातफरी, 7 श्रद्धालुओं की मौत

Written by:Vijay Choudhary
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इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और अफवाहों पर नियंत्रण कितना जरूरी है।
हरिद्वार भगदड़ हादसा, मनसा देवी मंदिर मार्ग पर मची अफरातफरी, 7 श्रद्धालुओं की मौत

हरिद्वार में हादसा

हरिद्वार: उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मनसा देवी मंदिर जाने वाले पैदल मार्ग पर रविवार सुबह भगदड़ मच गई, जिसमें 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद हरिद्वार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई। यह हादसा सावन के दूसरे या तीसरे सोमवार के आसपास और रविवार की छुट्टी के चलते बढ़ी भीड़ के बीच हुआ।

प्रशासन को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, राहत और बचाव टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। एसडीआरएफ की टीमों को मनसा देवी मार्ग पर तैनात किया गया है ताकि आगे किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

अफवाह ने ली मासूमों की जान

प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासन की शुरुआती जानकारी के अनुसार, भगदड़ की वजह बिजली के करंट लगने की अफवाह बनी। जैसे ही यह अफवाह फैली, लोगों में हड़कंप मच गया और वे एक-दूसरे को धक्का देते हुए निकलने लगे। इसी भगदड़ में 7 लोगों की जान चली गई और दर्जनों घायल हो गए। हालांकि स्थानीय लोगों और अधिकारियों का कहना है कि उस स्थान पर बिजली की कोई व्यवस्था ही नहीं है, ऐसे में करंट की बात सिर्फ एक अफवाह प्रतीत होती है। फिर भी पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।

मुख्यमंत्री धामी का शोक संदेश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुए हृदय विदारक हादसे में 7 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को शांति और शोक संतप्त परिवारों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति मिले।”

मुख्यमंत्री धामी ने पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी ताकि असली कारणों का पता चल सके।

राहत-बचाव कार्य में जुटा प्रशासन

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने भी मौके की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

एसडीआरएफ की तैनाती से राहत

स्थिति को काबू में करने के लिए एसडीआरएफ के जवानों को मनसा देवी मंदिर मार्ग पर तैनात किया गया है। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की संख्या भी बढ़ा दी गई है। ब प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि आने वाले सावन के सोमवारों और अन्य भीड़भाड़ वाले दिनों में बेहतर प्रबंधन किया जाए ताकि दोबारा ऐसा कोई हादसा न हो। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और अफवाहों पर नियंत्रण कितना जरूरी है। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन राहत-बचाव और जांच कार्य में जुटा हुआ है और पीड़ितों के लिए सहायता देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

Vijay Choudhary
लेखक के बारे में
पछले पांच सालों से डिजिटल पत्रकार हैं. जुनूनी न्यूज राइटर हैं. तीखे विश्लेषण के साथ तेज ब्रेकिंग करने में माहिर हैं. देश की राजनीति और खेल की खबरों पर पैनी नजर रहती है. View all posts by Vijay Choudhary
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