देहरादून में गुरुवार को आयोजित मुख्य सेवक संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों से सीधे संवाद किया। इस दौरान सीएम धामी ने दिव्यांग शादी अनुदान और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का सॉफ्टवेयर लॉन्च किया, साथ ही समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत दी जा रही पेंशन की 5वीं किश्त भी जारी की। कार्यक्रम में उन्होंने कई अहम घोषणाएं कीं, जिनमें दिव्यांग छात्रवृत्ति की आय सीमा समाप्त करना, हर जिले में वृद्धाश्रम खोलना और दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन राशि को 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वरिष्ठ नागरिकों व दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर काम कर रही हैं।
दिव्यांगों और छात्रों के लिए नई सौगातें
मुख्यमंत्री धामी ने घोषणा की कि दिव्यांग छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में आय सीमा को समाप्त किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि दिव्यांग युवक-युवती से विवाह करने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि अब 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के हर जिले में वृद्धाश्रम स्थापित किए जाएंगे, जिससे बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल सके।
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योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे
सीएम धामी ने कहा कि अक्सर योजनाएं बन जाती हैं, लेकिन उनका असली लाभ तभी मिलता है जब वे पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद तक पहुंचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का प्रयास है कि हर लाभार्थी को यह महसूस हो कि सरकार उनकी जिंदगी को आसान बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं।
पेंशन योजनाओं से लाखों लाभान्वित
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 96 हजार से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं। इनमें 18 वर्ष से ऊपर के 86 हजार दिव्यांगों को हर माह 1500 रुपये और 18 वर्ष से कम उम्र के 8 हजार बच्चों को 700 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांग हुए लोगों और बौना पेंशन जैसी विशेष योजनाओं से भी हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीबीटी के जरिए करीब 6 लाख वृद्धजनों को सीधे पेंशन की राशि मिल रही है।
दिव्याशा केंद्र और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा
सीएम धामी ने हाल ही में शुरू हुए प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें दिव्यांग बच्चों को अर्ली इंटरवेंशन की सुविधा दी जाएगी। भविष्य में इसे सभी जिलों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने वृद्धाश्रमों की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कई जगह सरकारी वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि अन्य जिलों में नए भवन निर्माणाधीन हैं। साथ ही, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के जरिए बुजुर्गों के अधिकारों की कानूनी सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। सीएम ने आश्वासन दिया कि उनके सम्मान और सुविधाओं में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।