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ऋषिकेश में महिला यूट्यूबर के डांस वीडियो पर विवाद, हिंदू संगठन ने किया विरोध

Written by:Neha Sharma
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ऋषिकेश में एक महिला यूट्यूबर के डांस वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन का कहना है कि वीडियो में यूट्यूबर ने तीर्थनगरी की गरिमा के विपरीत कपड़े पहनकर नृत्य किया है।
ऋषिकेश में महिला यूट्यूबर के डांस वीडियो पर विवाद, हिंदू संगठन ने किया विरोध

ऋषिकेश में एक महिला यूट्यूबर के डांस वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के सदस्यों ने वीडियो को अमर्यादित बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। संगठन का कहना है कि वीडियो में यूट्यूबर ने तीर्थनगरी की गरिमा के विपरीत कपड़े पहनकर नृत्य किया है, जो धार्मिक शहर की छवि को धूमिल करता है। वहीं, यूट्यूबर और उसकी मां ने इस विरोध को व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल करार दिया है।

महिला यूट्यूबर के डांस वीडियो पर विवाद

बुधवार शाम राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र भटटनागर अपने साथियों के साथ ऋषिकेश स्थित एक आश्रम में पहुंचे। उन्होंने अपार्टमेंट प्रबंधक से शिकायत करते हुए कहा कि अपार्टमेंट की एक महिला निवासी ने अमर्यादित कपड़ों में डांस वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीर्थनगरी में इस तरह की गतिविधियां धर्म और संस्कृति का अपमान हैं, और इस पर रोक लगनी चाहिए।

इस दौरान यूट्यूबर और उसकी मां भी मौके पर पहुंचीं और संगठन के विरोध का कड़ा प्रतिवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके डांस वीडियो में कोई आपत्तिजनक बात नहीं है। यूट्यूबर ने स्पष्ट किया कि वह भारतीय संस्कृति और समाज का सम्मान करती हैं, लेकिन किसी को उनके पहनावे और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने संगठन पर निजी स्वतंत्रता में हस्तक्षेप का आरोप लगाया।

काफी देर तक चली दोनों पक्षों के बीच बहस

दोनों पक्षों के बीच बहस काफी देर तक चली। विवाद बढ़ता देख लायंस क्लब रॉयल के अध्यक्ष पंकज चंदानी और नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव करते हुए हिंदू संगठन के सदस्यों को शांत कराया। इसके बाद संगठन के कार्यकर्ता वहां से लौट गए। इस दौरान पार्षद राजेंद्र सिंह बिष्ट, आलोक चावला सहित कई स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।

घटना के बाद से सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों ने संगठन के विरोध को सही ठहराया, तो कुछ ने इसे महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला बताया। फिलहाल पुलिस को मामले की औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है, लेकिन शहर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।