उत्तराखण्ड सरकार के लिए मंगलवार को शहरी विकास से जुड़ी बड़ी वित्तीय खबर आई है। केंद्र सरकार ने पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) 2025-26 के भाग-XA, यानी Urban Land and Planning Reforms के तहत राज्य को ₹264.50 करोड़ की विशेष सहायता (ऋण) स्वीकृत कर एकमुश्त जारी कर दी।
इस फैसले का मतलब सिर्फ फाइलों में एक और मंजूरी नहीं है। इसका सीधा असर उन शहरों पर पड़ेगा जहां तेज शहरीकरण के बीच जमीन प्रबंधन, प्लानिंग और बुनियादी सुविधाओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
PFMS से गया प्रस्ताव, मंजूरी के बाद सीधे पूरी रकम रिलीज
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अनुशंसा के आधार पर यह सहायता जारी की गई है। उत्तराखण्ड सरकार ने इस प्रोत्साहन राशि के लिए PFMS पोर्टल के जरिए प्रस्ताव भेजा था, जिसे सक्षम प्राधिकारी ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद केंद्र ने राशि को चरणों में नहीं, एक ही किस्त में जारी कर दिया।
यानी अब राज्य के पास प्रस्तावित पूंजीगत परियोजनाओं के लिए फंडिंग का इंतजार करने की स्थिति नहीं है। अगला दबाव काम की गति, प्राथमिकता तय करने और समयबद्ध क्रियान्वयन पर रहेगा।
CM धामी ने कहा, शहरों में संतुलित और टिकाऊ विकास को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बुनियादी ढांचे के विकास को लगातार प्रोत्साहन मिल रहा है। उनके मुताबिक यह वित्तीय सहायता उत्तराखण्ड में योजनाबद्ध शहरी विकास, आधुनिक भूमि प्रबंधन प्रणाली और मजबूत आधारभूत ढांचे के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में बेहतर नियोजन, सुव्यवस्थित विकास और जनसुविधाओं के विस्तार पर निरंतर काम कर रही है। इस मदद से प्रदेश के शहरों में संतुलित और टिकाऊ विकास को तेज किया जा सकेगा, जिससे आम नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य मजबूत होगा।
सरल शब्दों में तस्वीर साफ है: केंद्र की राशि राज्य को मिल चुकी है, और अब इसे प्रस्तावित शहरी पूंजीगत परियोजनाओं में उतारना उत्तराखण्ड सरकार की अगली बड़ी जिम्मेदारी है।





