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रुद्रपुर में कांग्रेस की बैठक बनी अखाड़ा, कार्यकर्ताओं में चले लात-घूंसे, जमकर हुई जूतम-पैजार!

Written by:Vijay Choudhary
Published:
रुद्रपुर में कांग्रेस की बैठक बनी अखाड़ा, कार्यकर्ताओं में चले लात-घूंसे, जमकर हुई जूतम-पैजार!

उधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में कांग्रेस की संगठन सृजन अभियान बैठक गुरुवार, 4 सितंबर को हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक का मकसद नगर इकाई के गठन को लेकर कार्यकर्ताओं की राय सुमारी करना था, लेकिन अचानक स्थिति बिगड़ गई और कांग्रेस के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते सिटी क्लब का माहौल अफरा-तफरी में बदल गया और लात-घूंसे चलने लगे। पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा और एआईसीसी पर्यवेक्षक नरेश कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता मौके पर मौजूद थे, लेकिन कार्यकर्ताओं को शांत कराना आसान नहीं रहा। बाद में पर्यवेक्षकों ने साफ कहा कि हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


राय सुमारी के दौरान भिड़े कार्यकर्ता

कांग्रेस की नगर इकाई के गठन को लेकर पर्यवेक्षक नरेश कुमार कार्यकर्ताओं से राय सुमारी कर रहे थे। इसी दौरान पार्टी के दो गुटों में किसी मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई। बहस जल्द ही गाली-गलौच तक पहुंची और फिर हाथापाई शुरू हो गई। अचानक हुई इस घटना से बैठक का माहौल बिगड़ गया और सिटी क्लब अफरा-तफरी के दृश्य में बदल गया।


नेताओं के सामने चली लात-घूंसे

बैठक में मौजूद पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, एआईसीसी पर्यवेक्षक नरेश कुमार और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता एक-दूसरे की सुनने को तैयार ही नहीं थे। कांग्रेस नेता संजय जुनेजा ने बताया कि जैसे ही नरेश कुमार ने अपना माइक रखा, तभी कुछ कार्यकर्ताओं ने बुजुर्ग नेता नरेंद्र मिश्रा को घेर लिया, जिसके बाद स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई।


कार्रवाई की चेतावनी

पर्यवेक्षक हरेंद्र बोरा ने कहा कि यह बैठक संगठन सृजन अभियान के तहत बुलाई गई थी। लेकिन बीच में कार्यकर्ताओं की बहस ने गंभीर रूप ले लिया। उन्होंने साफ कहा कि हंगामा करने वाले कार्यकर्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन की बैठक गुंडों की मीटिंग नहीं है और अनुशासन तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।


संगठन सृजन अभियान का मकसद

गौरतलब है कि आल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूरे देश में संगठन सृजन अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य सक्रिय और मेहनती कार्यकर्ताओं को आगे लाना तथा निष्क्रिय लोगों की जगह नए चेहरों को मौका देना है। लेकिन रुद्रपुर की बैठक में हुए हंगामे ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह और गुटबाजी को एक बार फिर उजागर कर दिया।