देहरादून: उत्तराखंड में विदेशी भाषा सीखकर विदेशों में नौकरी करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने देहरादून के बाद अब अल्मोड़ा में भी एक लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत यह प्रदेश का दूसरा केंद्र होगा। इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने इसका बजट भी कई गुना बढ़ा दिया है।
यह घोषणा विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार, इस योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
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बजट में भारी बढ़ोतरी, 3.3 करोड़ रुपये आवंटित
सरकार इस योजना को लेकर कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके ट्रेनिंग बजट में भारी बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां इस योजना के लिए सिर्फ ₹75 लाख का बजट था, उसे अब बढ़ाकर ₹3.3 करोड़ कर दिया गया है।
“मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के चलते अब और ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग का लाभ मिल पाएगा।”- सौरभ बहुगुणा, कौशल विकास मंत्री
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि बजट में इस वृद्धि से प्रशिक्षण की गुणवत्ता और लाभार्थियों की संख्या दोनों में इजाफा होगा।
योजना की सफलता: 92 युवाओं को मिली विदेश में नौकरी
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। इसके तहत देहरादून में पहला लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर संचालित है। अब तक इस योजना के माध्यम से 147 बच्चों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें से 92 युवाओं को विभिन्न देशों में सफलतापूर्वक नौकरी मिल चुकी है।
सेंटर में 16 अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से 8 से 10 महीने का प्रशिक्षण दिया जाता है। हाल ही में 10 और बच्चों के लिए सऊदी अरब से नौकरी के प्रस्ताव आए हैं।
विदेशों में कार्यरत युवाओं की सुरक्षा का भी ध्यान
सदन में कौशल विकास मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बीच उन युवाओं की सुरक्षा को लेकर भी पूरी तरह से चिंतित है, जिन्हें इस योजना के तहत विदेश भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में काम कर रहे युवाओं से बात हुई है और वे सभी पूरी तरह से सुरक्षित हैं।