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आपदा में उपजा भाईचारे का भाव,फंसी महिला ने दुपट्टे से बनाई राखी, सीएम धामी की कलाई पर बांध कर किया भावुक

Written by:Vijay Choudhary
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धराली की मिट्टी ने उस दिन सिर्फ राहत का दृश्य नहीं देखा, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते का एक नया रूप भी महसूस किया। आपदा की राख में से उपजा यह राखी का रिश्ता, न केवल शासन की संवेदनशीलता का प्रमाण था, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का सुंदर उदाहरण भी बन गया।
आपदा में उपजा भाईचारे का भाव,फंसी महिला ने दुपट्टे से बनाई राखी, सीएम धामी की कलाई पर बांध कर किया भावुक

सीएम धामी को राखी बांधती महिला

उत्तरकाशी के धराली गांव में शुक्रवार का दिन भावनाओं से भरा एक ऐतिहासिक क्षण लेकर आया। एक ओर जहां प्राकृतिक आपदा की भयावहता ने लोगों को हिला दिया, वहीं दूसरी ओर मानवता, अपनत्व और भाईचारे का एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। यह दृश्य था मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस दौरे का, जब वे आपदा प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के लिए धराली पहुंचे थे। राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा लेते वक्त, अचानक एक महिला सामने आई और उसने अपने दुपट्टे का किनारा फाड़कर मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांध दी। यह सिर्फ राखी नहीं थी, बल्कि एक बहन की कृतज्ञता, विश्वास और संवेदना का प्रतीक बन चुकी थी।

धराली में आपदा का भयावह मंजर

धनगौरी बरौलिया, जो मूल रूप से अहमदाबाद के ईशनपुर की रहने वाली हैं, अपने परिवार के साथ गंगोत्री दर्शन के लिए उत्तराखंड आई थीं। लेकिन 5 अगस्त को धराली में आई भीषण बाढ़ और मलबे ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। अचानक आए मलबे से सड़कें बंद हो गईं, संपर्क टूट गया और सैकड़ों श्रद्धालु वहीं फंस गए। धनगौरी और उनके पूरे परिवार के लिए यह एक जीवन-मरण का संकट था। न कोई जानकारी बाहर जा पा रही थी, न कोई मदद आ रही थी। तेज बारिश, टूटे रास्ते और सन्नाटा, हर पल डर और बेचैनी से भरा था।

राहत व बचाव अभियान बना जीवन रेखा

ऐसे कठिन समय में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर जाकर मोर्चा संभाला। उन्होंने आपदा राहत टीमों को तेज़ी से सक्रिय किया और मौके पर तीन दिन तक लगातार रहकर राहत कार्यों की निगरानी की। धनगौरी और उनके परिवार को रेस्क्यू टीमों ने भारी जोखिम उठाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यह वही पल था जब डर से कांपते चेहरों पर पहली बार राहत की मुस्कान दिखी। उनके लिए मुख्यमंत्री केवल एक नेता नहीं, संजीवनी लेकर पहुंचे रक्षक बन गए।

एक रिश्ते का प्रतीक बना दुपट्टे का टुकड़ा

शुक्रवार को जब सीएम धामी धराली में राहत कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे, तभी भावनाओं से भरी धनगौरी आगे बढ़ीं, और अपने दुपट्टे का एक किनारा फाड़कर उसकी एक पट्टी सीएम की कलाई पर राखी के रूप में बांध दी। उस क्षण धनगौरी की आंखों में कृतज्ञता के आंसू थे, लेकिन उनमें डर नहीं, भरोसा और अपनत्व था। उन्होंने कहा कि- “मुख्यमंत्री धामी मेरे लिए भगवान श्रीकृष्ण जैसे हैं, जिन्होंने हमारी रक्षा की। वे केवल एक प्रशासक नहीं, बल्कि भाई की भूमिका निभा रहे हैं, जो हमसे दूर नहीं, हमारे साथ खड़े हैं।” यह कपड़े का टुकड़ा नहीं था, बल्कि एक अटूट रिश्ते की डोर, जो संकट में भी विश्वास से जुड़ी रही।

भरोसे की मिसाल बनी यह राखी

मुख्यमंत्री धामी भी इस भावनात्मक पल में खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने धनगौरी का हाथ थामते हुए कहा कि- “आपदा की इस घड़ी में मैं एक भाई के रूप में हमेशा आप सबके साथ खड़ा हूं। प्रदेश सरकार आपकी हर जरूरत को पूरा करने के लिए तत्पर है।” इस पल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को मानवता और संवेदनशीलता का नया पाठ पढ़ाया। अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन उनमें गर्व भी था, एक ऐसे नेतृत्व पर जो जनता के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा है।

Vijay Choudhary
लेखक के बारे में
पछले पांच सालों से डिजिटल पत्रकार हैं. जुनूनी न्यूज राइटर हैं. तीखे विश्लेषण के साथ तेज ब्रेकिंग करने में माहिर हैं. देश की राजनीति और खेल की खबरों पर पैनी नजर रहती है. View all posts by Vijay Choudhary
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