उत्तराखंड में आम लोगों की सुविधाओं को बेहतर बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में हुई अधिकार प्राप्त वित्त समिति की बैठक में करीब 38 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर मुहर लगा दी गई। इस फैसले से राजधानी देहरादून में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, मसूरी का सफर सुरक्षित बनेगा और पिथौरागढ़ में पेयजल संकट दूर होगा।
सचिवालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में सड़क, पुल और पेयजल से जुड़ी कई योजनाओं को स्वीकृति दी गई। हालांकि, बैठक में सरकारी धन के दुरुपयोग पर मुख्य सचिव का सख्त रुख भी देखने को मिला, जब उन्होंने रामनगर बस टर्मिनल के भारी-भरकम बजट पर सवाल खड़े कर दिए।
देहरादून को ट्रैफिक जाम से राहत, मसूरी का सफर होगा आसान
राजधानी देहरादून के निवासियों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर न्यू कैंट रोड को लेकर है। समिति ने दिलाराम बाजार से विजय कॉलोनी पुल तक के हिस्से को दो लेन से अपग्रेड कर तीन लेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस कार्य पर अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (UIDF) के तहत 1257.96 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस परियोजना की खास बात यह है कि सिर्फ सड़क ही चौड़ी नहीं होगी, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए बिजली और पेयजल लाइनों को भी व्यवस्थित किया जाएगा। सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत यूटिलिटी डक्ट में शिफ्ट किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी काम के लिए सड़क को खोदने की जरूरत न पड़े।
इसके अलावा, मसूरी जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया। मसूरी स्टेट हाईवे-1 पर सहसपुर के पास स्थित पुराने और जर्जर हो चुके सिंगल-लेन पुल की जगह अब एक आधुनिक दो-लेन पुल बनाया जाएगा। 1200.17 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह 60 मीटर लंबा ‘स्टील बॉक्स पुल’ क्लास-A लोडिंग मानकों के अनुसार होगा, जिससे सफर सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
पिथौरागढ़ की पेयजल समस्या का होगा स्थायी समाधान
पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया। बैठक में पिथौरागढ़ की घाट पंपिंग पेयजल योजना के लिए 1338.53 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। इस बजट से वर्षों पुरानी और क्षतिग्रस्त हो चुकी मुख्य पाइपलाइन (राइजिंग मेन) को पूरी तरह बदला जाएगा। इस कदम से न केवल पानी की बर्बादी रुकेगी, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों को नियमित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
रामनगर बस टर्मिनल के बजट पर मुख्य सचिव की फटकार
बैठक में जहां एक ओर विकास कार्यों को मंजूरी दी गई, वहीं दूसरी ओर सरकारी धन के खर्च में लापरवाही पर मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कड़ा रुख अपनाया। रामनगर बस टर्मिनल के पुनरीक्षित बजट में यह पाया गया कि परियोजना की कुल लागत का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ साइट डेवलपमेंट और नींव भरने जैसे कामों पर खर्च किया जा रहा था।
इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव ने प्रस्ताव को तत्काल रोक दिया। उन्होंने दो टूक कहा, “सार्वजनिक धन के खर्च में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। किसी कंसलटेंट की रिपोर्ट के आधार पर आंख मूंदकर बजट पास नहीं किया जाएगा।”
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख और पेयजल निगम के एमडी को एक विशेषज्ञ समिति बनाकर इस भारी खर्च की व्यावहारिकता की जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में कोई भी प्रस्ताव जनहित की कसौटी पर परखे बिना समिति के सामने न लाया जाए।






