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उत्तराखंड धामी कैबिनेट निर्णय : 19 प्रस्तावों पर मुहर, गन्ना किसानों को ₹405 का भाव, 10 साल की सेवा पर उपनल कर्मियों को समान वेतन

Written by:Banshika Sharma
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। गन्ना किसानों को अगेती किस्म के लिए ₹405 प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा, जबकि 10 साल की सेवा पूरी करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य, समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। बैठक में कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
उत्तराखंड धामी कैबिनेट निर्णय : 19 प्रस्तावों पर मुहर, गन्ना किसानों को ₹405 का भाव, 10 साल की सेवा पर उपनल कर्मियों को समान वेतन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, राज्य कर्मचारियों और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों से जुड़े अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। बुधवार को हुई इस बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें सबसे अहम फैसले गन्ना किसानों के मूल्य निर्धारण और उपनल कर्मचारियों के लिए ‘समान कार्य, समान वेतन’ की नीति में बदलाव को लेकर हैं।

सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने की अगेती किस्म का मूल्य ₹405 प्रति क्विंटल तय किया है। इसके साथ ही चीनी मिलें आसानी से ऋण ले सकें, इसके लिए ₹270 करोड़ की शासकीय गारंटी को भी मंजूरी दी गई है।

किसानों और उपनल कर्मियों को बड़ी सौगात

कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब ‘समान कार्य, समान वेतन’ का लाभ पाने के लिए 12 साल की सेवा की शर्त को घटाकर 10 साल कर दिया गया है। इस फैसले से लगभग 7 से 8 हजार कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में उपनल के माध्यम से केवल भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े कार्य ही किए जाएंगे।

UCC और पर्यटन नीति में महत्वपूर्ण संशोधन

बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई। इसके तहत, जनवरी 2025 से पहले विवाह करने वाले जोड़ों को अब पंजीकरण के लिए छह महीने की बजाय एक साल का समय मिलेगा। इसके अलावा, पर्यटन को लेकर भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। नई नियमावली के अनुसार, होम-स्टे योजना का लाभ अब सिर्फ उत्तराखंड के स्थायी निवासियों को ही मिलेगा। बाहरी राज्यों के लोग केवल ‘ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना का संचालन कर सकेंगे, उन्हें होम-स्टे जैसा कोई लाभ नहीं दिया जाएगा।

न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार

राज्य में न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एनडीपीएस (NDPS) और पॉक्सो (POCSO) जैसे गंभीर मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए 16 विशेष न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इन न्यायालयों के लिए 144 पद भी स्वीकृत किए गए हैं। ये न्यायालय देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधमसिंह नगर में स्थापित होंगे। इसके अतिरिक्त, निर्वाचन विभाग की सेवा नियमावली को भी हरी झंडी मिल गई है।

शिक्षा, विज्ञान और अन्य अहम निर्णय

कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई है, जिनमें शामिल हैं:

संस्कृति और शिक्षा: उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम बदलकर ‘उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम’ कर दिया गया है। वहीं, दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र के लिए 6 पदों को स्वीकृति मिली है।

विज्ञान: यूकॉस्ट के तहत अल्मोड़ा और चंपावत में स्थापित हो रहे साइंस सेंटरों के लिए 6-6 पदों को मंजूरी दी गई है।

बागवानी: एंटी हेलनेट पर केंद्र सरकार की 50% सब्सिडी के अलावा अब राज्य सरकार भी 25% अतिरिक्त सब्सिडी देगी।

खेल: विधायक स्तर पर ‘चैंपियन ट्रॉफी’ के लिए एक लाख, सांसद स्तर पर दो लाख और राज्य स्तर पर पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि और ट्रॉफी दी जाएगी।

पर्यावरण: केदारनाथ धाम में गोबर और चीड़ की पत्तियों से बायोमास पैलेट बनाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।

इसके अलावा विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तारीख तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। ऊर्जा विभाग और वन निगम की रिपोर्ट को भी सदन में रखने की मंजूरी दी गई।