उत्तराखंड सरकार ने 2026 की चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम की समस्या से बचाने और हर पड़ाव की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में यात्रा मार्ग पर QR कोड लगाने और व्हाट्सएप के जरिए ट्रैफिक अलर्ट भेजने जैसी नई योजनाओं पर मुहर लगाई गई।
लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के कारण चारधाम यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक जाम एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को खास निर्देश दिए गए हैं। अब यात्रा मार्ग पर कहीं भी जाम लगने, भीड़ बढ़ने या किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत व्हाट्सएप अलर्ट के जरिए सूचित किया जाएगा, ताकि वे वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग कर सकें या अपनी यात्रा को उसी के अनुसार प्लान कर सकें।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर
चारधाम यात्रा के दौरान, विशेषकर केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं एक गंभीर चिंता का विषय रहती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे को निर्देश दिया कि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग के सभी चिकित्सालय पूरी तरह से क्रियाशील हो जाने चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी श्रद्धालु, खासकर हृदय रोगियों या बुजुर्गों को तबीयत बिगड़ने पर तत्काल और बेहतर इलाज मिल सके।
तकनीक से आसान होगी यात्रा
इस बार की यात्रा में तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा। प्रमुख धार्मिक स्थलों और यात्रा पड़ावों पर QR कोड लगाए जाएंगे। यात्री इन कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करके उस स्थान के महत्व, इतिहास और उपलब्ध सुविधाओं की पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा, पूरे मार्ग पर स्पष्ट साइनेज (साइन बोर्ड) लगाए जाएंगे, ताकि पहली बार आने वाले तीर्थयात्रियों को भी रास्ता खोजने में कोई परेशानी न हो।
बैठक में यात्रा मार्ग पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और पशुओं के पंजीकरण व स्वास्थ्य की उचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए। खराब मौसम या किसी अप्रिय घटना के कारण यात्रा रोकने का फैसला कब और कहां लिया जाएगा, इसकी पूरी जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल के आयुक्त को सौंपी गई है। यात्रा के सुचारू संचालन के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जल्द जारी की जाएगी। इस समीक्षा बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, पर्यटन, परिवहन और आईटीडीए समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






