उत्तराखंड के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। जंगली जानवरों द्वारा फसलों को होने वाले भारी नुकसान की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार के प्रयास सफल हुए हैं। केंद्र सरकार ने तीन साल के अंतराल के बाद राज्य की ‘घेर-बाड़ योजना’ के लिए वित्तीय मदद फिर से शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच हुई वार्ता के बाद यह संभव हो पाया है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए उत्तराखंड को 25 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। इस फैसले से राज्य के हजारों किसानों को अपनी मेहनत की कमाई को जंगली जानवरों से बचाने में मदद मिलेगी।
ये भी पढ़ें
सीएम धामी के प्रयासों से मिली सफलता
जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा राज्य में एक गंभीर मुद्दा रही है। इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने घेर-बाड़ योजना शुरू की थी, लेकिन लगभग तीन वर्ष पहले राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिलने वाली केंद्रीय सहायता बंद हो गई थी। इसके बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर किसानों की मदद के लिए इस योजना को जिला योजना के बजट से चलाया जा रहा था।
मुख्यमंत्री धामी इस योजना में केंद्रीय मदद बहाली के लिए लगातार प्रयासरत थे। हाल ही में गौचर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह मुद्दा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष प्रमुखता से उठाया था।
विधानसभा में कृषि मंत्री ने दी जानकारी
शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सदन को इस सफलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया, “सरकार ने इस विषय को केंद्रीय कृषि मंत्री के सामने रखा था। अब केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और इस संबंध में पत्र भी विभाग को मिल चुका है।”
कृषि मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशीलता और निरंतर प्रयासों को दिया।
“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में संवेदनशीलता दिखाई है। इस बार के बजट में भी घेर-बाड़ योजना के लिए दस करोड़ का प्रावधान किया गया है।” — गणेश जोशी, कृषि मंत्री, उत्तराखंड
तीन वर्षों में 44 हजार से ज्यादा किसान हुए लाभान्वित
राज्य सरकार द्वारा सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मदद बंद होने के बाद पिछले तीन वर्षों में जिला योजना के माध्यम से 2841 हेक्टेयर कृषि भूमि की घेर-बाड़ की गई। इस पहल से प्रदेश के 44,429 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं। अब केंद्र से मिली इस नई धनराशि से योजना को और अधिक गति मिलेगी।