उत्तराखंड में टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है। AI की मदद से संदिग्ध लेनदेन और टैक्स चोरी के मामलों की पहचान कर निगरानी और जांच को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इस कड़ी में सरकार SGST की जांच को AI आधारित बनाने की तैयारी में जुटी है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को अगले 4 से 5 महीनों में इस व्यवस्था का मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही टैक्स और राजस्व से जुड़े विभिन्न विभागों के डेटा को आपस में एकीकृत करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में राजस्व बढ़ाने को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभागों से तय लक्ष्य के मुकाबले अब तक मिले राजस्व की जानकारी ली और आय बढ़ाने के नए तरीकों पर चर्चा की।
SGST में टैक्स चोरी पर AI की नजर
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि SGST में राजस्व बढ़ाने की अभी काफी संभावनाएं हैं। टैक्स चोरी रोकने के लिए AI आधारित जांच बढ़ाई जाए। इसके लिए अगले 4-5 महीने में सिस्टम तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार टैक्स से जुड़े विभागों के डेटा को भी इंटीग्रेट करना चाहती है। इससे अलग-अलग स्रोतों से मिलने वाली जानकारी को आपस में जोड़कर गड़बड़ियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
ANPR कैमरों से खनन और टैक्स पर भी निगरानी
बता दें कि परिवहन विभाग के ANPR कैमरों का इस्तेमाल भी बढ़ाया जाएगा। मुख्य सचिव ने इन कैमरों को खनन विभाग, वन विभाग और राज्य कर विभाग से जोड़ने के निर्देश दिए। इससे वाहनों की आवाजाही से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल अलग-अलग विभाग अपनी जांच और निगरानी में कर सकेंगे। इसके साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन और रजिस्ट्रेशन से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल करने के निर्देश दिए गए हैं।
खनन के नए लॉट तलाशे जाएंगे
राज्य सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए नए खनन लॉट की संभावनाएं भी तलाशेगी। मुख्य सचिव ने वन और गैर-वन क्षेत्रों में नए खनन लॉट चिन्हित करने और इसमें जिला प्रशासन की मदद लेने को कहा। वन निगम जिन खनन और प्रकाष्ठ लॉट पर काम नहीं कर पा रहा है, वहां वन विभाग को अपने स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आम लोगों को प्रकाष्ठ आसानी से उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया है।
कार्बन क्रेडिट, जड़ी-बूटी और इको टूरिज्म से भी बढ़ेगी आय
उत्तराखंड सरकार परंपरागत टैक्स के अलावा आय के नए स्रोत भी तलाश रही है। मुख्य सचिव ने प्रदेश में जड़ी-बूटियों से होने वाली संभावित आय का अध्ययन करने को कहा है। इसके साथ कार्बन क्रेडिट और नए इको टूरिज्म स्थलों के विकास को भी सरकार की आय के नए स्रोतों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। यानी सरकार की कोशिश टैक्स चोरी रोककर मौजूदा राजस्व बढ़ाने के साथ ऐसे नए क्षेत्रों को विकसित करने की भी है, जिनसे भविष्य में प्रदेश की आय बढ़ाई जा सके।





