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उत्तराखंड: नई खनन नीति से बदली तस्वीर, डेढ़ साल में 300 करोड़ से 1200 करोड़ के पार पहुंचा राजस्व

Written by:Banshika Sharma
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की नई खनन नीति और अवैध खनन पर सख्ती से उत्तराखंड के राजस्व में चार गुना की बढ़ोतरी हुई है। डेढ़ साल से भी कम समय में खनन से होने वाली सालाना आय 300 करोड़ से बढ़कर 1200 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। इस सफलता के लिए केंद्र ने भी राज्य को 200 करोड़ रुपये की विशेष सहायता दी है।
उत्तराखंड: नई खनन नीति से बदली तस्वीर, डेढ़ साल में 300 करोड़ से 1200 करोड़ के पार पहुंचा राजस्व

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी खनन नीति और अवैध खनन के खिलाफ चलाए गए अभियान के शानदार परिणाम सामने आए हैं। इन सुधारों के चलते महज डेढ़ साल से भी कम समय में राज्य का खनन राजस्व चार गुना बढ़कर 1200 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जो पहले लगभग 300 करोड़ रुपये सालाना हुआ करता था।

आम तौर पर खनन गतिविधियों को लेकर एक नकारात्मक धारणा बनी रहती है, लेकिन धामी सरकार ने इस अवधारणा को बदलने के लिए कई अहम कदम उठाए। खनन आवंटन से लेकर परिवहन तक की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया और तकनीक का इस्तेमाल कर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया। इसी का नतीजा है कि न सिर्फ राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि हुई, बल्कि इस क्षेत्र में सुधारों के लिए उत्तराखंड को देशभर में दूसरा स्थान भी मिला है।

ई-नीलामी और डिजिटल निगरानी ने रोकी चोरी

सरकार ने नई खनन नीति के तहत कई बड़े बदलाव किए, जिससे तस्वीर पूरी तरह बदल गई। खनन के लॉट आवंटन के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हुई। इसके अलावा, अवैध खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित किया गया।

खनन गतिविधियों की सैटेलाइट से निगरानी की जा रही है और परिवहन के लिए ‘माइनिंग सर्विलांस सिस्टम’ लागू किया गया है। इन सभी प्रक्रियाओं की डिजिटल ट्रैकिंग और निरीक्षण से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस और प्रशासन को भी इस मामले में सख्ती बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।

केंद्र सरकार ने भी की सराहना, मिली 200 करोड़ की मदद

उत्तराखंड में खनन सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। खनन सुधारों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए राज्य को देश में दूसरा स्थान मिला है। इसके फलस्वरूप, केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ‘पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI)’ के तहत उत्तराखंड को 200 करोड़ रुपये की विशेष सहायता स्वीकृत की है। इस राशि का उपयोग राज्य में विकास कार्यों को और गति देने के लिए किया जाएगा।

“आम लोगों और विकास परियोजनाओं के लिए खनन सामग्री आवश्यक है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि खनन पर्यावरण के मानकों के अनुसार हो और इसके लिए एक पारदर्शी तंत्र विकसित किया जाए। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। राजस्व में हुई शानदार वृद्धि से जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन हो रहा है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

बढ़े हुए राजस्व का सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है। सरकार इस अतिरिक्त आय का उपयोग विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को रफ्तार देने में कर रही है, जिससे राज्य के विकास को एक नई दिशा मिली है।