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उत्तराखंड को ‘खेलभूमि’ बनाने की तैयारी, 43.50 करोड़ रुपये से बनेगा राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, पहला शैक्षणिक सत्र शुरू

हल्द्वानी के गौलापार में CM पुष्कर सिंह धामी ने 43.50 करोड़ रुपये के पहले चरण के निर्माण कार्यों का किया शिलान्यास, क्रीड़ा विश्वविद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र भी शुरू; 23 हाईटेक खेल अकादमियों के साथ 2027 के राष्ट्रीय खेल और ओलंपिक-2036 के लिए विशेष रोडमैप पर काम
Pushkar Singh Dhami

हल्द्वानी: उत्तराखंड में खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग और खेल शिक्षा के लिए अब दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े, इस दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर हल्द्वानी के गौलापार स्थित मानसखंड खेल परिसर में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के पहले चरण के 43.50 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसी के साथ विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र की भी शुरुआत हो गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को खेलों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल कर ‘खेलभूमि’ के रूप में नई पहचान देना सरकार का लक्ष्य है। क्रीड़ा विश्वविद्यालय में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधाएं मिलेंगी। सरकार की तैयारी इसे आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने वाले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की है।

2027 के राष्ट्रीय खेल से लेकर ओलंपिक-2036 तक की तैयारी

सरकार ने खिलाड़ियों के लिए केवल विश्वविद्यालय तक अपनी योजना सीमित नहीं रखी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक 2027 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में ज्यादा से ज्यादा पदक जीतने और ओलंपिक-2036 में उत्तराखंड के खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस पर तकनीक के जरिए नजर रखने के लिए ‘मौली AI एप्लीकेशन’ भी विकसित किया गया है। इसके जरिए उभरते खिलाड़ियों की फिटनेस का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा।

प्रदेश में बनेंगी 23 हाईटेक खेल अकादमियां

उत्तराखंड में अलग-अलग खेलों के लिए 23 नई हाईटेक खेल अकादमियां स्थापित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। वहीं ‘एक जनपद-एक खेल’ योजना के जरिए प्रत्येक जिले की अलग खेल पहचान विकसित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे लाने की तैयारी है।

प्रदेश का पहला बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तराखंड खेल नीति-2026 का ड्राफ्ट भी तैयार हो चुका है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद लागू किया जाएगा।

खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप, उपकरण के लिए भी मदद

मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना में 8 से 14 साल के खिलाड़ियों को हर महीने खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। वहीं 14 से 23 साल के खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत मासिक छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है।

राष्ट्रीय खेल दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के लाभार्थियों को DBT के जरिए खेल छात्रवृत्ति भी दी। खिलाड़ियों के लिए खेल के दौरान चोट या दूसरी आकस्मिक परिस्थितियों में बीमा और आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

पदक जीतने वाले 29 खिलाड़ियों को मिल चुकी सरकारी नौकरी

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए राज्य में आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब तक 29 खिलाड़ियों को इसके तहत सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी अलग-अलग विभागों में नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

खेल रत्न से लेकर द्रोणाचार्य पुरस्कार तक दिए

कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। वर्ष 2024 के लिए एथलेटिक्स की अंकिता को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न और लोकेश चौधरी को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया।

वर्ष 2025 के लिए शूटिंग के अभिनव देशवाल को खेल रत्न, क्याकिंग एंड कैनोइंग के मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य और बॉक्सिंग के मुकेश चन्द्र बेलवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार मिला। दिव्यांग श्रेणी में शूटिंग के शौर्य सैनी को हिमालय रत्न पुरस्कार दिया गया। मॉडर्न पैंटाथलॉन में सक्षम प्रताप सिंह और ममता खाती तथा बॉक्सिंग में खुशी चंद को हिमालय खेल रत्न से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि वे मैदान में अपना शत-प्रतिशत दें। सरकार की कोशिश रहेगी कि पैसों, संसाधनों या अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपने के रास्ते में न आए।

Shyam Dwivedi
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