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Uttarakhand: एसआईआर के लिए चार श्रेणियों में मतदाताओं को बांटा, 2003 की मतदाता सूची जारी….देख लें अपना नाम

Written by:Vijay Choudhary
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Uttarakhand: एसआईआर के लिए चार श्रेणियों में मतदाताओं को बांटा, 2003 की मतदाता सूची जारी….देख लें अपना नाम

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इसकी रूपरेखा तय करते हुए जनवरी 2026 की अर्हता तिथि को आधार बनाया है। बृहस्पतिवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसआईआर की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इस दौरान बताया गया कि मतदाताओं का चार श्रेणियों में वर्गीकरण किया गया है। इसके लिए टेबल टॉप एक्सरसाइज भी की गई ताकि आगामी चरणों में पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची तैयार की जा सके।

चार श्रेणियों में बंटे मतदाता

मतदाताओं को उम्र और मतदाता सूची में शामिल होने की स्थिति के आधार पर चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। श्रेणी-ए में वे लोग शामिल होंगे जिनकी आयु 38 वर्ष या उससे अधिक है और 2003 की सूची में उनका नाम दर्ज है। इन्हें केवल एब्सट्रेक्ट प्रस्तुत करना होगा। श्रेणी-बी में 38 साल से ऊपर के वे मतदाता होंगे जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं है। इन्हें पहचान सत्यापन के लिए 11 दस्तावेजों में से कोई प्रस्तुत करना होगा, जिनमें पासपोर्ट, आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य वैध पहचान पत्र शामिल हैं।

युवाओं के लिए दस्तावेज नियम

श्रेणी-सी में 20 से 37 वर्ष तक के मतदाताओं को रखा गया है। जबकि श्रेणी-डी में 18 से 19 वर्ष आयु वाले मतदाता शामिल होंगे। इन वर्गों में आने वाले लोगों को पहचान के लिए 11 निर्धारित दस्तावेजों में से स्वयं का एक और माता-पिता का एक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया और अपनी राय रखी।

2003 की सूची और बीएलए नियुक्ति

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 2003 की मतदाता सूची जारी कर दी है। मतदाताओं को अपने नाम की पुष्टि करनी होगी। यदि कोई नाम न मिले तो वे 15 दिन के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील कर सकते हैं और 30 दिन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील की जा सकेगी। प्रदेश में 11,733 पोलिंग बूथ हैं, लेकिन अब तक केवल 2,744 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) ही नियुक्त हुए हैं। सीईओ डॉ. पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे शीघ्र बीएलए नियुक्त करें ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य समय पर पूरा हो सके।