आजकल युवाओं के बीच रील्स बनाने का क्रेज तेजी से बढ़ता जा रहा है। जहां कई लोग सोशल मीडिया पर रील्स के जरिए अच्छी कमाई और पहचान बना रहे हैं वहीं कुछ लोगों को इसके चक्कर में गंभीर नतीजों का सामना भी करना पड़ता है। स्कूल-कॉलेजों में भी छात्र ही नहीं बल्कि शिक्षक तक रील्स बनाते दिखाई देते हैं। हालांकि, अनुशासन और पढ़ाई के माहौल को देखते हुए कई कॉलेजों में रील्स बनाने पर प्रतिबंध भी लगाया गया है।
इसी बीच, मध्यप्रदेश के विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज परिसर में भी छात्रों और पदस्थ कर्मचारियों के रील्स या किसी प्रकार के वीडियो बनाने पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने आदेश भी जारी कर दिया है। हालांकि आदेश में बाहरी लोगों के लिए वीडियो बनाने पर अलग से कोई रोक नहीं बताई गई है।
कॉलेज में फोटोग्राफी-वीडियो बनाने पर रोक
आदेशानुसार कहा गया है कि अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, विदिशा के परिसर में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की गरिमा, अनुशासन, गोपनीयता और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्देश जारी किया गया है कि महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय परिसर में किसी भी छात्र-छात्रा अथवा कर्मचारी द्वारा सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफी अथवा वीडियो बनाना या बनवाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
आगे लिखा, किसी शैक्षणिक, प्रशासनिक अथवा अन्य अधिकृत गतिविधि के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी आवश्यक होने पर संबंधित सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। कॉलेज ने सभी छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को आदेश का पालन करने को कहा है। बिना अनुमति वीडियो या फोटो बनाने पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन ने क्यों लिया यह फैसला?
बता दें कि हाल ही में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर के दो वीडियो सामने आए थे। उन वीडियो में एक लड़की लिफ्ट के अंदर वीडियो बनाती दिख रही है। दूसरे वीडियो में दो युवतियां बेसमेंट में डांस करती नजर आ रही हैं। इन वीडियो के सोशल मीडिया पर वारयल होने के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे क्योंकि अस्पताल में मरीज, उनके परिजन एवं अन्य कर्मचारी आते-जाते हैं। ऐसे में इस तरह के विडियो बनाना गलत है। जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों के रील्स बनाने पर पाबंदी लगा दी।






