हैदराबाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस विभाग को मुश्किल में डाल दिया। वीडियो में एक पुलिस उप-निरीक्षक (एसआई) अपनी नाबालिग पोती को कार चलाने की अनुमति देते हुए दिखाई दिए।
वीडियो में साफ दिखाई देता है कि नाबालिग लड़की कार चला रही है, जबकि एसआई आगे वाली सीट पर बैठे हुए हैं। इस दौरान आसपास मौजूद कुछ लोगों ने अधिकारी से सवाल किए कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस के नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है। लोगों ने इसे सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया।
नाबालिग से कार चलवाने पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह घटना हाल ही में हैदराबाद के नर्सिंगी थाना क्षेत्र में हुई थी। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच के बाद संबंधित एसआई के खिलाफ ट्रैफिक नियमों और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया है, जिससे नाबालिग को सड़क पर वाहन चलाते हुए देखा गया था।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना के समय किन परिस्थितियों में नाबालिग वाहन चला रही थी और क्या इससे दूसरे लोगों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ था। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चाहे ऑटोमैटिक हो या मैनुअल, सार्वजनिक सड़क पर बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के किसी नाबालिग को वाहन चलाने देना कानून का उल्लंघन है।
डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश
मामले के सामने आने के बाद तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सी.वी. आनंद ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित पुलिस आयुक्त को एसआई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने और उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला सिर्फ एक ट्रैफिक नियम के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक जिम्मेदारी और पुलिस की छवि से भी जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कानून लागू करने वाले अधिकारी ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम लोगों के बीच गलत संदेश जाएगा। यही वजह है कि पुलिस विभाग ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है।
फिलहाल संबंधित एसआई के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। विभागीय जांच में यह भी तय किया जाएगा कि उनकी लापरवाही कितनी गंभीर थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाने चाहिए।






