मध्य प्रदेश के दमोह जिले में साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है। दरअसल पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि वह फोन पर लड़की की आवाज निकालकर खुद को मुस्कान बताता था और शादी का झांसा देकर लोगों से पैसे लेता था। वहीं आरोपी की पहचान तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के भीलवाड़ा गांव निवासी रत्नेश गौंड के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अब तक कई पीड़ित सामने आ चुके हैं।
दरअसल शुरुआती जांच के अनुसार आरोपी लंबे समय से अलग-अलग लोगों से फोन और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क करता था। वह पहले भरोसा जीतता, फिर शादी की बात करता और धीरे-धीरे पैसों की मांग शुरू कर देता। जब एक पीड़ित परिवार को पूरे मामले पर शक हुआ तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर सेल की मदद से आरोपी तक पहुंचा गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जानिए कैसे करता था मुस्कान बनकर ठगी?
वहीं पुलिस के मुताबिक आरोपी बेहद सफाई से लड़की की आवाज निकालता था जिससे लोगों को उस पर आसानी से भरोसा हो जाता था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि कई महीनों तक उसकी बातचीत मुस्कान नाम की लड़की से होती रही। बातचीत इतनी आगे बढ़ी कि दोनों के बीच शादी की बात तय हो गई। परिवार भी इस रिश्ते के लिए तैयार हो गया लेकिन दोनों की कभी आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई। केवल व्हाट्सएप पर तस्वीरें भेजी जाती थीं।
दरअसल पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग बहानों से पैसे मंगवाए। जब परिवार ने लड़की और उसके परिजनों से मिलने की बात कही तो हर बार कोई न कोई बहाना बना दिया गया। यहीं से परिवार को शक हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मोबाइल नंबर और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जिस मुस्कान से परिवार बात कर रहा था, वह असल में रत्नेश गौंड था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस के सामने भी लड़की जैसी आवाज निकालकर सभी को हैरान कर दिया।
गिरफ्तारी के बाद थाने पहुंचे कई पीड़ित
वहीं आरोपी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग तेंदूखेड़ा थाने पहुंच गए। कई लोगों ने दावा किया कि वे भी इसी तरीके से ठगी का शिकार हुए हैं। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया तो उन्हें बदनाम करने और झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
दरअसल दमोह पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने कितने लोगों को निशाना बनाया और कुल कितनी रकम की ठगी हुई। साथ ही उसके मोबाइल, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट






