राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दा देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मुद्दे पर हर किसी को अपनी राय रखते हुए देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में कई लोगों के बयान सुनने को मिले हैं। इसी बीच पंडितों को बिना जेब वाले कुर्ते पहनने और मेटल डिटेक्टर से जांच की मांग करने वाला बयान भी सामने आया था।
उज्जैन चारधाम मंदिर प्रमुख महामण्डलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज ने भी इस बयान को समर्थन दिया था। जिसके बाद उनके और पुजारियों के बीच शुरुआत खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब महाकाल सेना ने शांति स्वरूपानंद महाराज पर कार्रवाई करने के लिए हरिद्वार अखंड परम धाम आश्रम संस्थापक परमानंद महाराज को एक पत्र लिखा है।
महाकाल सेना का परमानंद महाराज को पत्र
महाकाल सेना की ओर से परमानंद महाराज को लिखे पत्र में चारधाम की प्रतिष्ठा धूमिल करने की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि दान चोरी मामले को लेकर पिछले दिनों अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज ने चोरी रोकने के लिए पुजारियों की जेब सिलने और मंदिर में प्रवेश के लिए मेटल डिटेक्टर लगाने की बात कही थी।

पत्र में लिखा है कि इनके द्वारा पुजारियों का मान सम्मान गिराने की कोशिश की गई है। इसके पहले भी दोनों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई थी। पत्र में कहा गया है कि देश के समस्त पुजारी में इस बात का आक्रोश है। भविष्य में चार धाम की बदनामी ना हो और आप स्वयं की बदनामी ना हो इसलिए शांति स्वरूपानंद को चारधाम के पद से हटाया जाए।
विरोध करने की चेतावनी
महाकाल सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री किशन पांडेय नेतृत्व में ये पत्र लिखा गया है। संगठन ने इस मामले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर शांतिस्वरूपानंद की पद से नहीं हटाया जाता है तो सरकार से चारधाम के सरकारीकरण की मांग की जाएगी।






