कुदरत का जादू : इंसान ने जिसे खारिज किया प्रकृति ने दिया उसे नया रूप

कुदरत का जादू : इंसान ने जिसे खारिज किया प्रकृति ने दिया उसे नया रूप

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रकृति अद्भुत है। हमें ऐसे ऐसे नजारे देखने को मिलते हैं जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। प्रकृति (nature) हमें सिखाती है हर परिस्थिति में सृजन करना। चाहें हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हो, लेकिन हार नहीं मानना चाहिए। बड़ी से बड़ी आपदाओं के बाद भी कुदरत ने अपना जादू बरकरार रखा है। चाहे वो विनाशकारी आग हो, सुनामी, बाढ़, तूफान या मनुष्य द्वारा पर्यावरण से खिलवाड़। कुदरत ऐसे स्थानों पर भी बार बार पुनर्जीवित पुनर्स्थापित होती है।

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आज हम आपको ऐसे ही कुछ कमाल के दृश्य दिखाने जा रहे हैं जो सृजन में हमारा विश्वास बढ़ा देंगे। इस वीडियो में सबसे पहले हमें एक बाइसिकल ट्री दिख रहा है। ये वााशिंगटन में है और इसमें एक पेड़ है जिसके तने के आर पार एक साइकिल है। पेड़ ने खुद को इतना ऊंचा उठा लिया है कि ये साइकिल भी जैसे उसके वजूद का एक हिस्सा ही लगने लगी है। इसके आगे सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में बीच नदी में कबाड़ में पड़ा बड़ा सा जहाज दिखता है। इसपर जैसे छोटा सा जंगल उग आया है और ये एक हरे भरे टापू में बदल गया है।

यूक्रेन की कोई जगह जो रेडियोएक्टिव किरणों से तबाह है, उसके दोनों तरफ घना जंगल उग आया है। केलिफोर्निया में एक पियानो के बीच से पेड़ निकला हुआ है जिसे ओल्ड पियानो ट्री कहा जाता है। इटली में एक बंद पड़ी मिल के आसपास हरियाली ही हरियाली है। बैंकॉक में एक मॉल के निचले हिस्से में मछलियों ने डेरा डाल लिया है। पेरिस का एक पुराना बंद पड़ा रेलवे स्टेशन फूलों की घाटी में तब्दील हो गया है। इसकी गुलाबी रंगत किसी को भी मोह लेगी। कम्बोडिया में एक विशालकाय पेड़ ने मंदिर को अपनी छाया से ढंक दिया है। एक पुराने झूले पर अब हरियाली झूल रही है। एक पुरानी टनल ग्रीन कॉरीडोर में बदल गई है। यूक्रेन में इसे टनल ऑफ लव कहा जाता है। हॉन्कॉन्ग में इमारतों के जंगल में एक पेड़ ने अपना इकबाल बुलंद कर रखा है। आयरलैंड में एक पुरानी हवेली में अब पेड़ों ने घर बसा लिया है। इस तरह हम देखते हैं कि कुदरत ने हर उस स्थान को फिर से हरा भरा कर दिया है, जिसे इंसान खारिज कर चुके थे। ये हम सबसे लिए एक सबक है कि अपने जीवन में और पर्यावरण में भी हरियाली बचाकर रखें, तभी हमारा अस्तित्व कायम रह पाएगा।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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