सूंघने वाली चॉकलेट: अब न कैलोरी की चिंता न वजन बढ़ने की, ‘चॉकलेट ब्रेथ’ से बिना फिक्र उठाइए मिठास का भरपूर मजा

चॉकलेट भला किसे पसंद न होगी। चाहे कोई खुशी का मौका हो या मन उदास हो। कोई सेलिब्रेशन हो या फिर अकेले बोर हो रहे हों..चॉकलेट हर मौके और मूड में साथ देती है। लेकिन इस मिठास की कीमत भी चुकानी पड़ती है बढ़ते वजन के रूप में। तो क्यों न कुछ ऐसा सॉल्यूशन अपनाया जाए जो आपको आनंद तो भरपूर दे लेकिन कैलोरी का कोई झंझट न हो।
Chocolates

साभार:गूगल, सांकेतिक तस्वीर

क्या आप चॉकलेट के दीवाने हैं, लेकिन कैलोरी की चिंता ने आपकी मिठास छीन ली है? क्या डाइटिंग के नाम पर आपके जीवन से चॉकलेटी स्वाद रफूचक्कर हो गया है? अगर ऐसा है तो आपके लिए एक नजराना है ‘चॉकलेट ब्रेथ’। ये एक चॉकलेट है लेकिन खाने के लिए नहीं बल्कि सूंघने के लिए।

जी हां, अब चॉकलेट को खाइए मत बस सूंघिए और उसकी मीठी-मीठी खुशबू का मज़ा लीजिए। आज हम आपको ऐसे ही अनोखे अविष्कार के बारे में बताने जा रहे हैं जो खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया था जो डाइटिंग कर रहे हैं लेकिन टेंपटेशन रोक नहीं पाते हैं।

कुछ मीठा हो जाए!

चॉकलेट की ललचाने वाली खुशबू जो मन को तुरंत खुश कर देती है। लेकिन वजन बढ़ने का डर आपको रोक लेता है। ऐसा है तो आपके लिए है ‘चॉकलेट ब्रेथ’..एक ऐसी चॉकलेट जिसे खाया नहीं जाता, बल्कि उसे सूंघते हैं। ये अनोखी चीज़ उन चॉकलेट प्रेमियों के लिए वरदान है, जो वजन बढ़ने के डर से अपनी फेवरेट मिठास से दूर रहते हैं।

क्या है यह ‘चॉकलेट ब्रेथ’

‘चॉकलेट ब्रेथ’ जिसे ‘Le Whif’ के नाम से भी जाना जाता है असल में एक छोटा सा इनहेलर है, जो चॉकलेट की एरोमैटिक  खुशबू और स्वाद को आपके पास लाता है..बिना एक भी कैलोरी बढ़ाए। साल 2009 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डेविड एडवर्ड्स ने इसका ईजाद किया। ये एक स्लिम इनहेलर जैसा दिखता है जिसमें असली चॉकलेट के सूक्ष्म कण (microparticles) होते हैं, जिन्हें आप सांस के ज़रिए नाक या मुंह से अंदर खींचते हैं। बस एक हल्की सी साँस लेने पर आप कोको, रास्पबेरी या मिंट की खुशबू से सराबोर हो जाएंगे और आपके दिमाग को चॉकलेटी आनंद मिल जाएगा।

क्या कहता है विज्ञान कहता है

आपको जानकर ताज्जुब होका कि हमारा स्वाद 80% गंध पर निर्भर करता है। यही वजह है कि चॉकलेट की खुशबू सूंघने से दिमाग को वैसा ही मज़ा मिलता है, जैसा उसे खाने से। Le Whif में मौजूद सूक्ष्म चॉकलेट कण आपकी नाक और मुँह के रिसेप्टर्स तक पहुंचकर डोपामाइन रिलीज़ करते हैं, जिससे आपको संतुष्टि का अहसास होता है।

कुछ विवाद भी जुड़े

हर इनोवेशन की तरह चॉकलेट ब्रेथ भी विवादों से अछूता नहीं रहा। कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इनहेल करने योग्य खाद्य पदार्थ फेफड़ों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। साथ ही, कुछ लोग इसे ‘खाने के अनुभव से छेड़छाड़’ भी मानते हैं। 2012 के बाद इस प्रोडक्ट की लोकप्रियता कम हो गई और अब यह कुछ चुनिंदा देशों में ही उपलब्ध है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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