Ice eggs : क्या आपने देखे हैं बर्फ के अंडे, दुर्लभ है प्रक्रिया

Ice eggs : क्या आपने देखे हैं बर्फ के अंडे, दुर्लभ है प्रक्रिया

Ice eggs : आपने अब तक मुर्गी के अंडे देखे होंगे, कबूतर के, शुतुरमुर्ग के, मछली के और सांप के भी। लेकिन क्या कभी आपने बर्फ के अंडे देखे हैं ? शायद कई लोगों ने अब तक इस बारे में सुना भी नहीं होगा। लेकिन ये दुनिया अजब गजब नजारों से भरी हुआ है और कई बार कुछ ऐसी चीजें देखने को मिल जाती है जो हमारी कल्पना से भी बाहर हो। तो इसी कड़ी में आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं बर्फ के अंडे।

बर्फ के अंडे

क्योंकि ये अंडों के आकार के हैं इसलिए इन्हें बर्फ के अंडे कहा जाता है। ये उन जगहों पर देखने को मिलते हैं जहां तापमान बहुत कम होता है। अमूमन साइबेरिया या एस्तोनिया जैसे स्थानों पर जहां तापमान माइनस 15 या माइनस 20 तक पहुंचता है जब ये अंडे बनते हैं। समुद्र में जमा पतली बर्फ की परत से इनका निर्माण होता है। तेज हवा और समंदर की लहरों से ये बर्फ टूटती है और एक दूसरे से चिपकती जाती है। लहरों के साथ ये बर्फ रोल करते हुए आगे बढ़ती है और धीरे धीरे अंडाकार आकार ले लेती है। ये बड़े बड़े बर्फ के अंडे किनारों पर आकर जमा हो जाते हैं। कई बार ये बहुत बड़े भी होते हैं। इनका गोल आकार में ढलना ही एक दुर्लभ प्रक्रिया मानी जाती है और बर्फ के अंडे बनना अपने आप में एक दुर्लभ घटना है।

कई प्रकार के अंडे 

साल 2016 में साइबेरिया के तटों पर ऐसे अंडे देखे गए थे और उनमें से कुछ तो तीन फीट चौड़े थे। फिनलैंड के समुद्री किनारों पर भी तकरीबन हर साल ऐसे अंडे देखने को मिल जाते हैं और अमेरिकन ग्रेट लेक्स पर भी इन्हें देखा जाता है। इनके कई रूप होते हैं जिनमें यूकीमारीमो (Yukimarimo) जो बर्फ की पतली परल के रोल होने पर बनते हैं। स्नो रोलर (Snow Roller) तब बनते हैं जब पहाड़ों पर बर्फ ऊपर से नीचे गिरती हुई आती है वहीं स्नोबॉल (Snowball) जिसे हम अपने हाथों से बनाते हैं जब भी ऐस जगह जाते हैं जहां बर्फ पड़ती हो। ये स्नोबॉल हमारे खेलने के काम आती है और इन्हें बनाकर एक दूसरे पर फेंकने का अपना ही मज़ा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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