Cursed River: भारत में बहने वाली ये नदियां मानी जाती है श्रापित, इसका पानी छूने से नष्ट हो जाते हैं सारे पुण्य, जानें दिलचस्प कहानी

Cursed River of India

Cursed River of India : नदी एक प्रमुख प्राकृतिक स्रोत है जो समुद्र या अन्य जल माध्यमों में बहती है। ये पर्वतों से निकलती हैं और सागर में जाकर मिल जाती है। नदी जीवनदायक माना जाता है। वे पेयजल की आपूर्ति, कृषि, औद्योगिक उपयोग, ट्रांसपोर्टेशन और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। बता दें कि नदियों के प्रवाह के दौरान वो अपने साथ रेत लाती हैं, जिससे मिट्टी की आपूर्ति होती है। हमारे देश में नदियों को देवी का स्थान दिया गया है और साधकों द्वारा उनकी पूजा भी की जाती है, लेकिन क्या आपने कभी श्रापित नदी के बारे में सुना है। जिसके पानी को छूने मात्र से इंसान के सारे अच्छे कर्म नष्ट हो जाते हैं।

जी हां, भारत में ऐसी बहुत सी नदियां हैं, जिनके पानी को कोई हाथ तक नहीं लगाता लेकिन वह जलीय जीवों के लिए अनुकूल माना जाता है। यदि आप उन नदियों के बारे में नहीं जानते हैं। तो चलिए आज के आर्टिकल में हम उन नदियों की दिलचस्प कहानी आपको बताएंगे कि आखिर क्यों इनको श्रापित माना जाता है।

चंबल नदी

मध्य प्रदेश में बहने वाली चंबल नदी के बारे में बच्चा-बच्चा जानता है। दरअसल, इस इलाके को डाकुओं का इलाका माना जाता है। हालांकि, अब यहां पर डाकू रहते नहीं है, लेकिन इस नदी को काफी अपवित्र माना जाता है। बता दें कि इस नदी का उद्गम विंध्य पर्वत से हुआ है जोकि एमपी के कई जिलों और राजस्थान के कुछ इलाकों से बहते हुए यमुना में समा जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, द्वापर युग में द्रोपदी ने इस नदी को श्राप दिया था। हालांकि, आज लोग इस नदी का पानी पीते अवश्य हैं, लेकिन इसकी पूजा नहीं की जाती। वहीं, एक और मान्यता है इस नदी का उद्गम जानवरों के खून से हुआ था। राजा रतिदेव ने हजारों जानवरों की बलि देकर, उनके खून को इसी नदी में बहने दिया था। तब से लोग इस नदी को श्रापित मानने लगे।

फल्गु नदी

बिहार के गया जिले में स्थित है, जिसे फल्गु नदी के नाम से जाना जाता है। वैसे तो हिंदू धर्म में भक्त नदी में स्नान कर अपने सारे पापों से मुक्ति पा लेते हैं लेकिन इस नदी को लोग देवी नहीं बल्कि श्रापित मानते हैं। ऐसी मान्यता है कि माता सीता ने इस नदी को श्राप दिया था, जिसके कारण लोग इस नदी में कतराते हैं। कहते हैं इस नदी के पानी को छू लेने मात्र से इंसान के सारे पुण्य नष्ट हो जाते हैं।

कर्मनाश नदी

ऐसी ही एक और नदी बिहार जिले में ही प्रवाहित होती है, जिसका नाम कर्मनाश नदी है। जैसा कि इसके नाम से ही पता चल रहा है कि इसके पानी को छूने से आपके सारे कर्मों का नाश हो जाता होगा। लोगों का ऐसा मानना है कि जो भी इस नदी के पानी को छू लेता है, उसके सारे बने हुए काम बिगड़ जाते हैं। इसलिए लोग यहां जाने से बचते हैं। यह नदी भारत के श्रापित नदियों की लिस्ट में शामिल है।

कोसी नदी

सभी ने कोसी नदी के बारे में तो अवश्य ही सुना होगा। इस नदी का जिक्र किताबों में भी रहता है। दरअसल, इस नदी को शोक नदी के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस नदी में हर साल बाढ़ आता है, जिस कारण हजारों की संख्या में लोगों की जान चली जाती है। इसलिए लोग इस नदी को श्रापित और अशुभ मानते हैं और इसके पानी को हाथ नहीं लगाते।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना अलग-अलग जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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