
आज यानि 1 नवंबर 2026 को देश का दिल ‘मध्य प्रदेश’ अपना 71वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश गौरवशाली विरासत, समृद्ध संस्कृति और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य की धरती है। यहां स्थित विश्वप्रसिद्ध विरासत स्थल राज्य की ऐतिहासिक पहचान को और समृद्ध बनाते हैं।
पीएम मोदी ने पत्र के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार के विकास कार्यों का की सराहना की। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने एमपी के साथ उनके संबंधों, राज्य के विकास का उल्लेख किया है। उन्होंने मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, राजा भोज, देवी अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती और टंट्या मामा जैसे महापुरुषों को भी याद किया है। इसके अलावा उन्होंने राज्य के गौरवशाली इतिहास का भी जिक्र किया है। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि मध्य प्रदेश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
मध्यप्रदेश से रहा है PM मोदी का आत्मीय जुड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी कहा कि भारत के हृदय स्थल मध्यप्रदेश की धरती प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परिश्रमी लोगों की कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश सरकार इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। हमारे अन्नदाता किसानों की समृद्धि ही गांवों की खुशहाली और देश की आर्थिक शक्ति का आधार है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के साथ उनका बहुत आत्मीय जुड़ाव रहा है। संगठन के दिनों में मुझे यहां के अनेक क्षेत्रों में जाने और कार्यकर्ताओं तथा नागरिकों के बीच समय बिताने का अवसर मिलता रहा है।
पीएम मोदी बताया कि कुशाभाऊ ठाकरे का संगठन के प्रति समर्पण, अटल बिहारी वाजपेयी का विजन, राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जनसेवा, सुंदरलाल पटवा का परिश्रम और कैलाश जोशी की सादगी आज भी मुझे देश सेवा की प्रेरणा देती है। पीएम मोदी ने राज्य के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों का जिक्र करते हुये कहा कि.. भारत की विरासतों की गौरवभूमि है। मालवा की मिठास, निमाड़ की लोक परंपराएं, बुंदेलखंड का शौर्य, महाकौशल की सांस्कृतिक गहराई, ग्वालियर-चंबल की गौरवशाली परंपराएं और विंध्य तथा जनजातीय अंचलों का प्राकृतिक सौंदर्य प्रदेश को विशिष्ट पहचान देते हैं।
उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन, मां नर्मदा की पवित्र धारा, राजा भोज की विद्वत्ता, देवी अहिल्याबाई होलकर का सुशासन और रानी दुर्गावती तथा टंट्या मामा का शौर्य हमारी गौरवशाली विरासत के प्रेरक अध्याय हैं। उन्होंने लिखा कि मालवा की प्रसिद्ध कहावत ‘डग-डग रोटी, पग-पग नीर’ यहां की संपन्नता के साथ-साथ लोगों के अतिथि-सत्कार की भावना को भी दर्शाती है।
उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा मध्यप्रदेश: PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि राज्य आज अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेते हुए उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर है। बीते वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर प्रदेश में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का प्रयास किया है। भोपाल मेट्रो और इंदौर मेट्रो के नए कॉरिडोर्स, जनता की सेवा के लिए समर्पित हुए हैं। प्रदेश में राजमार्गों के नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। इससे प्रदेश में शहरों के साथ-साथ, इंटर स्टेट कनेक्टिविटी भी सशक्त हो रही है। शहरी विकास के इन कामों के अलावा, राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी विकास के अनेक कार्य पूरे हो रहे हैं।
PM मोदी ने किया केन-बेतवा लिंक परियोजना का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में केन-बेतवा लिंक परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना बुंदेलखंड के लिए नई संभावनाएं लेकर आई है। 44 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की इस परियोजना से दस जिलों में करीब 11 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, इस योजना से 45 लाख लोगों को स्वच्छ पेयजल भी मिलने वाला है। मध्यप्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में, कृषि क्षेत्र के संवर्धन में, इस योजना की बड़ी भूमिका होने वाली है।
PM किसान योजना से एक करोड़ से अधिक किसानों को मिला लाभ
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे संतोष है कि इसी भावना से आज मध्यप्रदेश की डबल इंजन की सरकार, राज्य में लोक कल्याण की अनेक योजनाओं का संचालन कर रही है। प्रदेश में 80 लाख से अधिक परिवारों को नल से स्वच्छ जल पहुंचाया गया है। उन्होंंने कहा, अन्नदाताओं के कल्याण के संकल्प के साथ, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मध्य प्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से भी 24 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा, सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत 7 लाख से अधिक किसानों को 1400 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भी दी गई है।
इसके अलावा, पीएम मोदी ने अपने पत्र में पीएम आवास योजना, आयुष्मान योजना, पीएम जनमन योजना समेत अन्य केंद्रीय जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुये इसके लाभ और उपलब्धियां बताई। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में बढ़ते निवेश से युवाओं को मिलते रोजगार का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही राज्य की संस्कृति को लेकर कहा कि उज्जैन की आध्यात्मिक परंपराएं, मां नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक, जनजातीय लोककलाएं और बुंदेलखंड की वीरगाथाएं मध्यप्रदेश के समृद्ध इतिहास और संस्कृति को दर्शाती हैं।
CM मोहन यादव ने PM मोदी के संदेश का जताया आभार
वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश और प्रदेश के प्रति उनके स्नेह एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का मध्यप्रदेश की गौरवशाली विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं और विकास यात्रा के प्रति भाव प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। गरीब कल्याण, किसान समृद्धि, सिंचाई, अधोसंरचना, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी, मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर राज्य की गौरवशाली विरासत, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, जनसामान्य के परिश्रम और विकास यात्रा के प्रति आपके आत्मीय भाव हम सभी प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
मध्यप्रदेश के साथ आपका विशेष जुड़ाव और जन-जन के प्रति अपार स्नेह हम सभी के लिए सदैव अनमोल रहा है। श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी, श्रद्धेय अटल जी और प्रदेश की महान विभूतियों के योगदान का स्मरण करते हुए आपने मध्यप्रदेश की उस गौरवशाली परंपरा को रेखांकित किया है, जो हमें सेवा, समर्पण और जनकल्याण की प्रेरणा देती है।
आपके मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। गरीब कल्याण, किसान की समृद्धि, सिंचाई, अधोसंरचना, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार हमारी विकास यात्रा के प्रमुख संकल्प हैं।
आपके ‘विकसित भारत @ 2047’ के विजन के अनुरूप विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, प्रदेश के प्रति आपके स्नेह, विश्वास एवं मार्गदर्शन के लिए हृदय से आभार।
#मध्यप्रदेश_स्थापना_दिवस
#MPFoundationDay— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) November 1, 2026
7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.
