रेगिस्तान में स्वर्ण की तरह नजर आता है सोनार किला, जानें इसका 900 साल पुराना इतिहास

Sonar Fort

Sonar Fort: राजस्थान भारत का एक ऐसा राज्य है जो आने वाले अतिथियों का स्वागत बहुत ही हर्षोल्लास के साथ करता है। पधारो म्हारा देश के साथ हर किसी का अभिनंदन करने वाला यह राज्य अपने बड़े-बड़े महलों, राजसी ठाठ बाट, पहनावे, खाने और बोली के लिए पहचाना जाता है। यहां पर घूमने के लिए कई सारी ऐतिहासिक इमारतें मौजूद है, जहां पर दूर-दूर से पर्यटक पहुंचते हैं। ना सिर्फ देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों के बीच भी राजस्थान काफी प्रसिद्ध है।

अपनी खासियतों की वजह से दुनिया भर में पहचाना जाने वाला राजस्थान खूबसूरती के मामले में अच्छी अच्छी जगह को पीछे छोड़ देता है। जब आपके यहां के एक खूबसूरत किले के बारे में बताते हैं जो रेगिस्तान के बीच में किसी स्वर्ण की तरह दिखाई देता है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन यह 900 साल पुराना है।

खूबसूरत है सोनार किला

खूबसूरत सा सोनार किला राजस्थान के जैसलमेर में मौजूद है। जैसलमेर की नींव रखे जाने और इस किले का निर्माण किए जाने का समय एक ही है। यह किला ऐसी जगह बना हुआ है कि शहर के हर कोने से दिखाई देता है। इसे बलुआ पत्थरों से तैयार किया गया है और सूर्यास्त के समय यह सोने की तरह चमकता है। इस किले में चार बड़े-बड़े दरवाजे लगे हुए हैं जो पोल के नाम से पहचाने जाते हैं। यह सूरज पोल, हवा पोल, गणेश पोल और अकाई पोल के नाम से पहचाने जाते हैं। यहां हर पोल पर तोप भी लगी हुई है। इसके अलावा यहां सलाम सिंह की हवेली पतवों की हवेली और इस तरह की अलग-अलग हवेली मौजूद है। यहां पर वास्तुकला का शानदार नमूना देखने को मिलता है। किले के अंदर 12वीं से 15वीं शताब्दी के बीच बनाया गया जैन मंदिर भी मौजूद है।

कब हुआ था निर्माण

जैसलमेर के इस किले का निर्माण 1156 में राजा रावल द्वारा करवाया गया था। 13वीं शताब्दी में अलाउद्दीन खिलजी ने इस पर हमला किया और 9 साल तक कब्जा बनाए रखा। इसके बाद 1551 में एक बार फिर अमीर अली ने हमला किया। मुगलों के साथ संबंध सुधारे जा सके इसके लिए रावल ने 1570 में अकबर के साथ अपनी बेटी की शादी कर दी। 1762 तक ये किला मुगलों के कब्जे में रहा और इसके बाद महारावल मूलराज ने इस पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया।

रेगिस्तान का सबसे बड़ा किला

यह किला रेगिस्तान में मौजूद है और दुनिया भर में रेगिस्तान में मौजूद सबसे बड़ा किला कहलाता है। इसके परिसर में 400 घर बने हुए हैं जहां पर 1200 लोग रहते हैं। यहां पर कई सारी दुकान मौजूद है जहां पर स्थानीय लोग हस्त शिल्प के सामान बनाकर बेचते हैं। मध्यकाल में भी यहां पर दुकान लगा करती थी।

कब जाएं घूमने

अगर आप जैसलमेर के रेतीले मैदान पर मौजूद शानदार किले को देखना चाहते हैं। तो गर्मियों के मौसम में यहां जाने का प्लान कभी भी मत बनाइए। यहां पर घूमने का सही समय अक्टूबर से लेकर मार्च के बीच का होता है। सर्दी का मौसम होने की वजह से दोपहर के वक्त यहां गर्मी कम लगती है। आप यहां पर रेल, सड़क और हवाई किसी भी मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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